वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखरों को स्वर्णमंडित करने से पहले उनकी भार क्षमता की जांच भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के विशेषज्ञों से कराई जाएगी। एनामेल पेंट हटाने के बारे में भी यहीं के वैज्ञानिकों से राय ली जाएगी। मंदिर का प्रामाणिक इतिहास भी छापा जाएगा। ये निर्णय शनिवार की शाम मंडलायुक्त कार्यालय में हुई श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की बैठक में लिया गया।
मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव ने मंदिर की व्यवस्था और बेहतर बनाने के लिए कहा। बैठक में सहमति बनी कि मंदिर में दर्शन के लिए वीआईपी पास मुख्य कार्यपालक अधिकारी ही जारी करेंगे। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सीपीएन उपाध्याय ने बताया कि मंदिर परिसर के गोयनका भवन का निर्माण होना है। इसके अलावा तीन और भवनों का अधिग्रहण जल्द किया जाएगा। मंदिर परिसर से विज्ञापन हटाए जाएंगे। शासन स्तर पर लंबित कर्मचारियों की सेवा नियमावली लागू कराई जाएगी।
मंदिर का प्रामाणिक इतिहास तैयार करने के लिए इतिहासकारों की मदद ली जाएगी। काशी राजपरिवार के अनंत नारायण ने आपत्ति की कि मंदिर में ऑडिटर और एकाउंटेंट पद पर एक ही व्यक्ति नहीं होना चाहिए। उनकी आपत्ति का निस्तारण करने की बात न्यास परिषद ने स्वीकार की। बैठक में नगर आयुक्त उमाकांत, चंद्रमौलि उपाध्याय आदि सदस्य शामिल रहे।