वाराणसी। बिहार के सासाराम निवासी सराफा कारोबारी दुर्गेश सेठ के अपहरण की वारदात की छानबीन में जुटी क्राइम ब्रांच और लंका पुलिस उस महिला की तलाश में है, जो होटल में दुर्गेश से मिलने आया करती थी। पुलिस को आशंका है कि यह महिला पूरी साजिश का हिस्सा हो सकती है। इस बीच, पुलिस की एक टीम दोबारा गाजीपुर और दो टीमें बिहार भेजी गई हैं। दुर्गेश के मोबाइलों के कॉल डिटेल के आधार पर कई संदिग्ध मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं।
पुलिस सूत्रों की मानें तो दुर्गेश के महिलाओं से संबंध के अलावा उनके कारोबारी रिश्तों की पड़ताल की जा रही है। कुछ अहम जानकारियां हाथ लगी हैं, जिनके आधार पर घटना की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक मिले सुराग के आधार पर ही दोबारा दो टीमें बिहार और एक टीम गाजीपुर भेजी गई है। गुरुवार को पुलिस ने उस होटल की भी छानबीन कराई, जहां दुर्गेश कभी-कभार ठहरते थे। सूत्रों की मानें तो गहनों की शौकीन जिस महिला पर पुलिस को शक है, उसके दुर्गेश से मिलने आने-जाने की पुष्टि होटल कर्मचारियों से पूछताछ में हुई है। पुलिस के मुताबिक दुर्गेश आठ से दस लाख रुपये नगद के अलावा सोने-चांदी के गहने लेकर कारोबार के सिलसिले में वाराणसी आते-जाते थे। परिवार वाले उन्हें अकेले आने-जाने से मना करते थे लेकिन अक्सर वह अकेले ही आते थे। दुर्गेश का जिस तरीके से अपहरण कर कार को नरिया-लंका मार्ग पर लावारिस हालत में खड़ा किया गया, ठीक उसी तर्ज पर वर्ष 2004 में भी एक घटना हुई थी। पुलिस एवं क्राइम ब्रांच उस घटना में शामिल अपराधियों को भी टटोलने में जुटी है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच
क्राइम ब्रांच ने टोल बैरियर सहित रास्ते में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का फुटेज एकत्र किया है और उसकी जांच की जा रही है। दुर्गेश के मोबाइलों की कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर कई संदिग्ध मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं। एसपी क्राइम राहुल राज खुद पूरे मामले को लीड कर रहे हैं। एसएसपी जोगेंद्र कुमार का कहना है कि छानबीन की जा रही है। जल्द ही पुलिस घटना की तह तक पहुंच जाएगी।