वाराणसी। जीवन साथी के प्रेम को प्रगाढ़ करने और अखंड सौभाग्य की कामना से सुहागिनों ने शनिवार को करवा चौथ का निराजल व्रत रखा। शाम को करवा सजाया और अखंड दीप जलाकर सविधि पूजा की। चंद्र दर्शन के बाद चलनी की ओट से पति के चेहरे का दीदार किया, तब अन्न-जल ग्रहण किया।
करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं ने सोलह शृंगार किया और घरों में वेदी बनाकर करवा पूजन किया। कलश को हल्दी-चंदन के स्वास्तिक के अलावा तरह-तरह की अल्पनाओं से सजाया गया। इसके बाद समूहबद्ध होकर करवा की पूजा की गई। इस दौरान व्रतियों के चेहरे पर उत्साह और खुशी के भाव साफ झलक रहे थे। रात को 7.57 पर चंद्रोदय होने के बाद अर्घ्य दिया गया। चंद्रमा के दर्शन के बाद चलनी से पतियों के मुखड़े का दीदार किया और उन्हीं के हाथों से पानी पिया। वहीं, पतियों ने उन्हें तरह-तरह के उपहार दिए। पहली बार पिया के घर आई दुल्हनों ने लाल जोड़े में सज कर करवा पूजन किया।