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नैक टीम को छात्रों ने बताई समस्याएं

Varanasi Updated Wed, 12 Nov 2014 05:30 AM IST
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वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में मूल्यांकन के लिए आई नैक की टीम के समक्ष मंगलवार को छात्रों ने अपनी समस्याएं रखीं। पाणिनी भवन के सभागार में टीम के सदस्यों के साथ हुई बैठक में शास्त्री, आचार्य और शोध छात्रों ने बिजली, पानी के संकट के साथ ही पुस्तकालय में व्याप्त अव्यवस्था से अवगत कराया। छात्रावासों में जेनरेटर न होने और सुविधा विहीन पुस्तकालय पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा ध्यान देने की शिकायत की।
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राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान, नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. राधा बल्लभ त्रिपाठी की अध्यक्षता में आई छह सदस्यीय टीम ने दोपहर बाद बैठक में छात्र-छात्राओं से उपलब्ध सुविधाओं और समस्याओं पर चर्चा की। शोध छात्र जगदीश तिवारी ने विभागों में शिक्षकों की कमी की और शुद्ध पेयजल की किल्लत की ओर सदस्यों का ध्यान आकृष्ट किया। साथ ही उन्होंने बताया कि बैठने की व्यवस्था न होने और नई पुस्तकों के अभाव के चलते छात्रों को पुस्तकालय का लाभ नहीं मिल पा रहा।
आचार्य द्वितीय वर्ष के अखिलेश मिश्र ने समय से छात्रवृत्ति न मिलने की समस्या रखी। साथ ही एक विषय के रूप में कंप्यूटर को शामिल करने और ई-लाइब्रेरी की सुविधा की मांग उठाई। आचार्य के छात्र पंकज शर्मा ने बताया कि बिजली गुल होने पर छात्रावासों में अंधेरा छा जाता है। ऐसी स्थिति में पढ़ाई में दिक्कत होती है। विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कई बार मांग रखने के बाद भी जेनरेटर नहीं लगवाया गया। शास्त्री के दीपक तिवारी व शोध छात्र विशाल जायसवाल ने परिसर में शुद्ध पानी और 24 घंटे चिकित्सा व्यवस्था की मांग उठाई।
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महिला छात्रावास पर ताला, शौचालय भी नहीं
वाराणसी। संस्कृत विश्वविद्यालय में एक महिला छात्रावास तो है लेकिन यहां सालों से ताला बंद होने की वजह से छात्राओं को कक्ष आवंटन नहीं किया जाता। शोध छात्रा भावना शुक्ला ने टीम के सदस्यों से छात्रावास के साथ ही परिसर में छात्राओं के लिए शौचालय की सुविधा न होने की शिकायत की। वहीं, विदेशी छात्र भंते नंदरतन (म्यांमार) ने भी शौचालय और पेयजल की समस्या बताई।
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केंद्रीय विवि का दर्जा दिलाने की मांग
वाराणसी। बैठक के दौरान कई विद्यार्थियों ने संस्कृत विवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलवाने की भी मांग रखी। छात्रसंघ के निवर्तमान महामंत्री जगपाल शर्मा सहित कई छात्रों ने टीम को विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बताया।
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