वाराणसी। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के बाद नगर निगम प्रशासन का ध्यान बायो मेडिकल वेस्ट की ओर गया है। निर्णय लिया गया है कि नगर निगम परिक्षेत्र के 400 नर्सिगिंहोम को नोटिस देकर पूछा जाएगा कि वे अपने बायो मेडिकल वेस्ट का निस्तारण कहां और कैसे करते हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जुर्माना या लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति की जाएगी। नगर निगम प्रशासन के अनुमान के मुताबिक शहर से लगभग पांच हजार क्विंटल बायो मेडिकल वेस्ट रोजाना निकलता है।
महापौर रामगोपाल मोहले ने बुधवार को बैठक कर करसड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को जल्द से जल्द शुरू कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया था। अब बायो मेडिकल वेस्ट (अस्पताल से निकला केमिकल युक्त और सामान्य कचरा) के निस्तारण पर भी निगम प्रशासन ने गंभीरता दिखाई है। नगर आयुक्त उमाकांत त्रिपाठी के निर्देश पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एसएसपी वर्मा ने नगर निगम परिक्षेत्र के 400 नर्सिगिंहोम के अलावा कुछ सरकारी अस्पतालों को भी चिह्नित किया है। डा. वर्मा ने बताया कि सभी को नोटिस देकर इस बात की तस्दीक की जाएगी कि उनके यहां से निकले हुए कचरे का प्रबंधन कैसे और कहां होता है। संतोषजनक जवाब न देने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर प्रकृति की लापरवाही मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की संस्तुति की जाएगी।
00000
बायो मेडिकल वेस्ट की अब प्रत्येक माह समीक्षा, बनी समिति
बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की निगरानी के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डा. मो. सिकंदर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है। इसमें नगर निगम की ओर से डा. एसएसपी वर्मा और मुख्य चिकित्साधिकारी का एक प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। समिति प्रत्येक माह शहर के बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की समीक्षा और कुछ गलत मिलने पर कार्रवाई करेगी। समिति की रिपोर्ट सूबे के नगर विकास विभाग को भेजी जाएगी।