वाराणसी। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस), डॉ. एससी मौर्या समेत पांच लोगों के खिलाफ मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी और दलित उत्पीड़न की तहरीर दी है। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
मंडलीय अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लहंगपुरा औरंगाबाद निवासी रंजीत कुमार का आरोप है कि अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी मिलीभगत कर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इस संबंध में उसने सूचना मांगी तो 23 अगस्त को मंडलीय अस्पताल के परिसर उसकी दौड़ा कर पिटाई की गई। वहीं मामले में कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। पीडि़त ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले में केस दर्ज करने का आदेश 22 अक्तूबर को ही दिया था। लेकिन पुलिस ने 28 नवंबर को मुख्य चिकित्सा अधीक्षक शरद चंद्र मिश्र, निर्भय नरायन सिंह, श्री निवास, राके श, डॉ. एससी मौर्या के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।