रोहनिया। धूमधाम से शादी करने, फिर पत्नी को महंगे उपहार देने करने के लिए भी युवक चोरियां कर रहे हैं। पुलिस के शिकंजे में आए चार चोरों से हुई पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अपने शौक पूरा करने के लिए इन चारों ने न सिर्फ चोरी की गलत राह पकड़ ली बल्कि अंतरजनपदीय गिरोह से भी जुड़ गए। ये सभी रात में चोरी और दिन में मस्ती किया करते थे। इनमें एक ने चोरी करके जुटाई गई रकम से अभी 15 दिन पहले हुई अपनी शादी में दस लाख रुपये खर्च किए। अब बीवी को महंगा गिफ्ट देने के लिए रकम जुटा रहा था। शनिवार की रात अखरी गांव के पास से गिरफ्तार किए गए इन चारों सदस्यों के पास से चोरी के एक किलो चांदी के गहने, पांच मोबाइल और दो कट्टे बरामद हुए हैं। इन्होंने अपने कई और साथियों के नाम बताए हैं।
रोहनिया एसओ राजेश यादव को शनिवार की रात मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि अखरी गांव में अंतरजनपदीय गिरोह से जुड़े चार सदस्य कहीं चोरी की फिराक में जुटे हैं। पुलिस ने घेरेबंदी कर अंबेडकर नगर के अकबरपुर निवासी वेदप्रकाश पांडेय, बलिया के फेफना निवासी मिथुन गुप्ता, लोहता के पिलखिनी निवासी मोनू सोनकर और लंका निवासी राजेश यादव को गिरफ्तार कर लिया। मिथुन और राजेश के पास से एक-एक कट्टा और चार कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि पिछले दो महीने में रोहनिया के परशुराम, लठियां, लंका, भेलूपुर आदि क्षेत्रों में उन्होंने चोरियां कीं, जिनमें करीब 25 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। उन्होंने बलिया और अकबरपुर में भी कई चोरियों में शामिल होने की बात कबूली है। अगले दो महीने में 25 लाख की चोरी का टारगेट था।
उन्होंने बताया कि मोनू सोनकर की पंद्रह दिन पूर्व शादी हुई थी। धूमधाम से शादी करने के लिए वह कई चोरियों में शामिल हुआ। उसने विवाह पर 10 लाख रुपये खर्च किए। उसने पत्नी को महंगे उपहार देने के लिए भी दूसरों के घर खंगालने में चोरों का साथ दिया। रात में चोरी के लिए मोनू की मैजिक गाड़ी का इस्तेमाल किया जाता था। दिन में चारों किराए की स्कार्पियो लेकर घूमते थे। मिथुन पंद्रह दिन पूर्व ही जेल से छूटा था। उस परचोरी और लूट के कई मुकदमे दर्ज हैं। राजेश यादव को हत्या के एक मामले में सजा हो चुकी है। कुछ दिनों पूर्व ही वह जेल से छूटा था। थानेदार ने बताया कि पूछताछ के आधार पर चोरी का और माल बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।