बेहतर उत्पादन के बाद भी नहीं मिल पा रहा है लाभ
बिचौलियों के बिछाए जाल में फंस रहे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। सरकारी एजेंसियों की ओर से गेहूं की खरीद नहीं के बराबर की जा रही है। सरकार ने भले ही किसानों को फायदा देने के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य घोषित कर दिया हो लेकिन इसका लाभ किसानों नहीं मिल रहा है। केंद्रों पर लचर खरीद के चलते किसान मजबूर होकर बिचौलियों और क्षेत्रीय व्यापारियों को अपना गेहूं बेच रहे हैं।
हालत यह है कि प्रदेश में अभी तक बोरों की गांठों के महज चार रैक ही आए हैं, जबकि जरूरत 30 रेक की है। बोरे नहीं होने से खरीद नहीं हो पा रही है। वहीं बड़े व्यापारियों (आढ़तियों) को ढाई फीसदी कमीशन पर खरीद की जिम्मेदारी देकर सरकार ने उन्हें किसानों से गेहूं खरीदने का पूरा मौका दे दिया है।
अधिकतम नौ सौ से हजार रुपये में किसानों से गेहूं खरीद कर व्यापारी उसे 1285 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सरकार को बेच रहे हैं। महंगी खाद, बीज के साथ किसानों के श्रम को जोड़ दिया जाए तो गेहूं की लागत तक नहीं निकल पा रही है। देवरिया के किसान अवधनारायन सिंह का कहना है कि काश्तकार महंगी खाद और बीज लगाकर गेहूं की अच्छी फसल तैयार करते हैं। सरकार अच्छी कीमत पर गेहूं खरीद का आश्वासन देती है लेकिन ऐसा होता नहीं है। मजबूरी में किसानों को बिचौलियों के हाथों अपना गेहूं औने-पौने दाम पर बेचना पड़ता है। वर्तमान में किसान 900 से 1000 रुपये प्रति कुंतल की दर गेहूं बेच रहे हैं। कुरौली के किसान अक्षयनाथ चौबे का कहना है कि इस बार गेहूं की पैदावार जबरदस्त हुई है। दु:ख इस बात का है कि क्षेत्र में कोई गेहूं क्रय केंद्र नहीं खुला। किसानों को अपना गेहूं बिचौलियों को बेचना पड़ रहा है। गेहूं के बेहतर उत्पादन का फायदा किसानों की जगह बिचौलियों को मिल रहा है। पूर्वांचल फ्लोर मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कपूर ने बताया कि व्यापारी 1060 रुपये प्रति कुंतल की दर गेहूं बेच रहे हैं। किसानों से ये व्यापारी इससे भी सस्ते दर पर किसानों से गेहूं खरीद रहे हैं।
चिरईगांव संवाददाता के मुताबिक गेहूं क्रय केंद्र लेढ़ूपुर अक्सर बंद रहता है जिससे खरीद ठप पड़ा है। किसान अपना गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा चिरईगांव मंडल के कार्यकर्ता मंगलवार को क्रय केंद्रों की स्थिति देखने क्रय केंद्रों पर पहुंचे। इस दौरान लेढ़ूपुर स्थित पीसीएफ का क्रय केंद्र को बंद पाया। भाजयुमो के पूर्व महामंत्री ऋषिकेश तिवारी, नवनीत श्रीवास्तव, रंगनाथ मिश्र, छेदीलाल ने क्रय केंद्रों को नियमित संचालित करने की मांग की है। संभागीय खाद्य नियंत्रक एचएस चतुर्वेदी के मुताबिक संभाग में गेहूं खरीद के लिए 4,500 बोरों की गांठ की जरूरत है। रेक आने का इंतजार किया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए तीस रेक बोरों की जरूरत है। अभी तक महज महज चार रेक ही आ सके हैं। बताया कि आढ़तियों को गेहूं खरीदने की अनुमति दी गई है। उन्हें ढाई फीसदी कमीशन दिया जाना है।