वाराणसी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीडी पाल्सन के मुताबिक बेनियाबाग की घटना के बाद कुछ लोग शहर में अशांत फैलाने की फिराक में थे। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस ने सिर्फ माहौल पर नजर रखने की रणनीति अपनाई। इस बीच छेड़ने की काफी कोशिश की गई लेकिन पुलिस ने अपना धैर्य नहीं खोया। इधर, सोमवार को आईजी ने बेनियाबाग समेत अन्य इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान पता चला कि पुलिस और पीएसी के जवान बगैर दंगारोधी हेलमेट और बाड़ी प्रोटेक्टर समेत अन्य उपकरणों के ही ड्यूटी कर रहे हैं। सारे उपकरण गाडि़यों में रखे हुए थे। इस पर आईजी ने कड़ी नाराजगी जताई।
बेनियाबाग की घटना के दूसरे दिन रविवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कंट्रोल रूम में बैठ कर पल-पल की जानकारी ले रहे थे। किसी भी हालात से निबटने के लिए कंट्रोल रूम में रिजर्व फोर्स तैयार रखी गई थी। एसएसपी के अनुसार पुलिस के धैर्य रखने के कारण उत्तेजित भीड़ अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकी। हालांकि, कुछ पुलिस अधिकारी कार्रवाई के लिए आदेश मांग रहे थे लेकिन उन्हें मना कर दिया गया। क्योंकि, कुछ शरारती तत्व पुलिस कार्रवाई की आड़ में पूरे शहर में अशांति फैलाना चाहते थे। इतना जरूर है कि पुराना पानदरीबा स्थित एक आरोपी की दुकान में आग लगाने पर पुलिस ने सख्ती दिखाई और उपद्रवियों को खदेड़ दिया। इसके बाद कुछ ही देरी में फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया। इधर, आईजी जोन बृजभूषण ने बेनिया समेत अन्य इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान पता चला कि पुलिस और पीएसी के जवान बगैर हेलमेट और बाडी प्रोटेक्टर के ड्यूटी कर रहे हैं। आईजी के पूछने पर कुछ जवानों ने बताया कि दंगा नियंत्रण उपकरण गाडि़यों में रखे हुए हैं। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई और संवेदनशील स्थानों पर उपकरण के साथ चुस्त दुरुस्त होकर ड्यूटी करने का निर्देश दिया।