वाराणसी। अदालत के आदेश पर लंका पुलिस ने शनिवार को बसपा नेता और ब्लाक प्रमुख रमाकांत सिंह मंटू समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि बसपा नेता ने अभय पटेल और उसके परिवार को 12 दिन तक बंधक बनाकर रखा और उनके तीन मंजिला मकान की जबरन रजिस्ट्री करा ली। इस मामले में तहरीर देने पर भी लंका पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
बालाजी नगर निवासी धनी शंकर पटेल ने पुलिस के रवैये से परेशान होकर धारा 156 (3) के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में एक प्रार्थनापत्र दिया है। आरोप लगाया कि तारापुर निवासी रमाकांत सिंह ने उनके पुत्र अभय पटेल, बहू पत्नी रीता पटेल और पोते-पोती को 22 मई 2010 को अगवा कर चार जून तक प्रताडि़त करता रहा। जान से मारने की धमकी देकर आरोपियों ने सादे स्टांप और कागजात पर अभय से दस्तखत करा लिया। इसके बाद उनको छोड़ दिया। पांच मई 2012 को रमाकांत ने अपना आदमी भेजकर धनी शंकर से एक कागजात पर दस्तखत कराने के लिए दवाब बनाया। इंकार करने पर उसने परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इस मामले में भुक्तभोगी ने लंका थाने को तहरीर दी। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस मामले में उसने एसएसपी को भी रजिस्टर्ड पत्र भेजा था। कोई कार्रवाई नहीं होने पर उसने अदालत का सहारा लिया। अदालत के आदेश पर लंका पुलिस ने रमाकांत सिंह, उनकी पत्नी सरिता सिंह, वकील प्रेम प्रकाश सिंह गौतम, कमलेश सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इस मुकदमे की जांच उपनिरीक्षक टीबी सिंह को सौंपी गई है।