वाराणसी। असम में बांग्लादेशियों की घुसपैठ के खिलाफ शनिवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पैदल मार्च निकाला। परिषद कार्यकर्ताओं ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर काशी विद्यापीठ के मुख्य द्वार से इंग्लिशिया लाइन तक निकले मार्च में केंद्र सरकार विरोधी नारे लगाए गए।
इंग्लिशिया लाइन पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि असम में लगातार बांग्लादेश से घुसपैठ होती है। घुसपैठिए यहां की नागरिकता भी हासिल कर लेते हैं। असम के कोकराझार में हुई जातीय हिंसा इसी का परिणाम है। संसद का मानसून सत्र चल रहा है लेकिन केंद्र सरकार ने असम हिंसा पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है। आरोप लगाया कि मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के चलते केंद्र सरकार कोई भी कदम नहीं उठा रही है। केंद्र के रवैये के विरोध में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। अगले मंगलवार को केंद्र सरकार का पुतला फूंका जाएगा। पैदल मार्च में विजय प्रताप, महेश सिंह मोनू, रतनदीप सिंह, दिलीप सोनकर, अमित तिवारी, अंबरीष सिंह, सौरभ सिंह, राघवेंद्र केशरी, नवीन सिंह, आशीष पांडेय, विनय पांडेय, ब्रजेश कुमार, गौरव शर्मा, देवेंद्र परमार, गणेश दत्त यादव, शिव चौरसिया, आर्यन राय, सत्येंद्र सिंह, आनंद, सौरभ कुमार, चंदन मौर्या, सूर्यकांत सिंह, सतीश मौर्या, रजत, राहुल जायसवाल, राहुल शर्मा, सचिन पांडेय, रिंकू मिश्रा आदि शामिल थे।