वाराणसी। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव पर एफआईआर दर्ज करने के लिए छात्रनेता गोलबंद होने लगे हैं। छात्र युवा संघर्ष समिति की ओर से दी गई तहरीर पर लंका पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे छात्रनेताओं में गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो अदालत की शरण ली जाएगी।
गौरतलब है कि रविवार को छात्रनेताओं ने लोक निर्माण मंत्री के खिलाफ लंका थाने में भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी। उनका आरोप था कि शिवपाल ने अधिकारियों को चोरी और कमीशनखोरी के लिए उकसाया है। सोमवार को भारत माता मंदिर परिसर में हुई बैठक में छात्रनेताओं ने एफआईआर दर्ज न होने पर आगे की रणनीति बनाई। फैसला किया गया कि अगर पुलिस रिपोर्ट नहीं दर्ज करती है तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। बैठक में मौजूद छात्रनेता नीरज सिंह, शैलेंद्र पांडेय, विपुलेंद्र प्रताप, सुधीर संगम, पंकज पांडेय आदि ने विपक्षी दलों से इस मसले पर आगे आने की अपील की। ताकि भविष्य में कोई मंत्री अपने मतहताें को कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार करने को उत्प्रेरित न करे। उधर, बीएचयू छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री डा. उमेश सिंह सोमवार को दिल्ली चले गए। वहां वे भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुहिम चला रहे संगठनाें के पदाधिकारियाें से मुलाकात करेंगे।