वाराणसी। यूपी की नंबर एक शटलर सारा नकवी का मानना है कि बैडमिंटन में भारत को ओलंपिक मेडल मिलना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय बैडमिंटन का स्तर ऊंचा हुआ है। हालांकि सारा को इस बात का अफसोस है कि चीन, मलयेशिया और इंडोनेशिया के मुकाबले भारत में शटलरों को सुविधाएं कम मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि चीन और मलयेशिया जैसे देश के शटलर केवल अपनी कोचिंग पैटर्न की वजह से आज दुनिया में छाए हुए हैं। भारत को भी इन देशों से सीखने की जरूरत है।
यूपी स्टेट सीनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने आई सारा ने सिगरा स्टेडियम में एक मुलाकात में कहा कि लखनऊ में बैडमिंटन अकादमी खुलने से प्रदेश में इस खेल में तेजी से बदलाव आ रहा है। सुविधाएं मिलेंगी तो प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी ही। बरेली की युवा शटलर का कहना है कि साइना महिला शटलरों की रोल माडल हैं। उनका मैच टेंपरामेंट और फिटनेस लाजवाब है। उन्होंने भारतीय बैडमिंटन को नई पहचान दी है। अंडर-19 में देश की शीर्ष पांच शटलरों में शुमार सारा ने कहा कि यूपी में लखनऊ को छोड़ कहीं भी अंतरराष्ट्रीय मानक का बैडमिंटन कोर्ट नहीं है। ऐसे में खेल की गुणवत्ता प्रभावित होना लाजिमी है। 2008 में जूनियर एशिया कप (श्रीलंका) में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी इस खिलाड़ी ने कहा कि यहां सीनियर स्टेट चैंपियनशिप में मुकाबला कड़ा है मगर जीत को लेकर मैं आश्वस्त हूं। 2009 में इंडोनेशिया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में हिस्सा ले चुकीं सारा का अगला लक्ष्य देश के शीर्ष शटलरों में शामिल होना है। फिलहाल राष्ट्रीय स्तर पर उनकी 17वीं रैंकिंग है।