वाराणसी। सार्वजनिक के साथ-साथ निजी बैंकों में बुधवार को हड़ताल के चलते जहां ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा वहीं लगभग तीन अरब का कारोबार प्रभावित हुआ। इस दिन 18 सौ से ज्यादा चेकों और ड्राफ्ट का निस्तारण नहीं हो सका।
दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन आरबी चौबे, संजय शर्मा के नेतृत्व में 27 सार्वजनिक बैंकों के प्रतिनिधिमंडल ने जुलूस निकाला और निजी बैंक बंद करा दिए। हालांकि ग्रामीण बैंक की सभी शाखाएं खुली रहीं। हड़ताल के दौरान स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन और अधिकारी संघ के पदाधिकारियों ने कचहरी स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसी तरह यूनियन बैंक आफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक आफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालयों पर भी कर्मचारी नेताओं ने प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। सभा में एसके सेठ, आरएस राय, विजय कुमार, पीके घोष, राघवेंद्र चतुर्वेदी, मुकुल लाल शर्मा, विनय सिंह, एबी सिंह, योगेश श्रीवास्तव, संतोष सिन्हा, एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के उपमहामंत्री राज राय, अधिकारी संघ के मुख्य क्षेत्रीय सचिव केके चौबे, अध्यक्ष एसके मिश्रा, अशोक सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के रामबिशुन चौबे और संजय शर्मा ने बताया कि हड़ताल में वाराणसी में सरकारी और निजी क्षेत्र की 250 शाखाओं के तीन हजार कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए।
बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगें
- अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए
- कार्मिक मामलों में एकतरफा हस्तक्षेप बंद हो
- खंडेलवाल कमेटी की सिफारिशों को एकतरफा लागू करने से रोका जाए
- आउटसोर्सिगिं बंद हो, पेंशन नीति में सुधार हो
- ग्रामीण शाखाओं की बंदी रोकी जाए