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मूल्यों की राजनीति के पक्षधर थे सुदर्शन

Varanasi Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। विश्व संवाद केंद्र काशी ने शनिवार को आरएसएस के पूर्व सरसंघचालक केएस सुदर्शन के असामयिक निधन पर गहरा दुख जताया। केंद्र के प्रमुख नागेंद्र कुमार ने कहा कि हिंदू समग्र चिंतन पर सुदर्शन की मजबूत पकड़ थी। ग्राम विकास के कार्य और स्वदेशी तंत्र ज्ञान आदि विषयों के माध्यम से उन्होंने साम्यवाद तथा भौतिकतावाद से अलग हटकर काफी काम किया। प्रमुख पद से हटने के बाद भी उनकी भूमिका संघ के अंदर मार्गदर्शक की रही। वह मूल्यों की राजनीति के पक्षधर थेे। सांसद डा. मुरली मनोहर जोशी ने अपने शोक संदेश में कहा कि भारत को सुसंगठित और स्वावलंबी बनाने वाला व्यक्ति आज हमारे बीच नहीं रहा। उनके निधन से मेरे जैसे नेताओं को व्यक्तिगत क्षति हुई है।
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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की लल्लापुरा में हुई शोकसभा में पूर्व संघ प्रमुख के निधन पर शोक जताया गया। संगठन के प्रांतीय संयोजक हैदर अब्बास चांद समेत कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन धारण कर संवेदना प्रकट की। इस मौके पर शकील अहमद, खालिद, अमीन, शमीम, महफूज अहमद, रौशन अली, उमर सादिक, आरिफ हुसैन आदि मौजूद थे। बीएचयू के खेल वैज्ञानिक डा. एनबी शुक्ला ने पूर्व आरएसएस प्रमुख के निधन को अपूरणीय क्षति बताया। चौक स्थित भाजपा कार्यालय में हुई शोकसभा में सुदर्शन के निधन पर शोक जताया गया। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष संतोष द्विवेदी, अनुपम गुप्ता, रामनरेश सोनकर, राकेश मिश्र, सृजन, संतोष, महेश, जय सिंह, त्रिशाल, सोनी, अरमान, पारस, अजय, अनुराग एवं शिशिर आदि मौजूद थे। भाजपा काशी क्षेत्र की शोकसभा में भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसमें ओमप्रकाश, प्रभा शंकर पांडेय, प्रेम कपूर, संजय भारद्वाज, आशुतोष द्विवेदी, रामप्रकाश दुबे, देवेंद्र सिंह, प्रमोद पांडेय एवं ज्ञानप्रकाश मिश्र आदि शामिल थे।
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