वाराणसी। रामनगर में विश्व प्रसिद्ध रामलीला देखने के स्थल को लेकर काशिराज परिवार में सोमवार को भाई-बहनों के बीच न केवल जिच हुई बल्कि मामला पुलिस तक पहुंच गया। कुंवर अनंत नारायण सिंह ने लीला स्थल जनकपुर मंदिर को जर्जर बताते हुए उसकी छत पर जाने वाली सीढि़यों पर ताला जड़वा कर पुलिस को सूचना दे दी। जबकि राजकुमारी विष्णुप्रिया ने परंपरा की दुहाई देते हुए रामनगर थाने में तहरीर देकर ताला खुलवाने की मांग की है। परंपरा के अनुसार राजकुमारियां मंदिर की छत से फुलवारी की लीला देखती रही हैं।
चंद रोज पूर्व रामनगर किले के एक कर्मचारी ने बड़ी राजकुमारी विष्णुप्रिया के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी जिसके बाद पुलिस ने उन्हें शांतिभंग की धारा 107/116 में पाबंद कर दिया था। यह मामला सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहा है। इधर, सोमवार को पुलिस को दी गई तहरीर में राजकुमारी विष्णुप्रिया ने कहा है कि पिता महाराज विभूति नारायण सिंह ने मर्यादित तरीके से परिवार के सदस्यों के रामलीला देखने के लिए सीढि़यां बनवाई थी। सीढि़यों पर ताला बंद करके परंपरा को तोड़ा गया है। छोटी राजकुमारी कृष्णप्रिया ने इस मामले से आईजी को भी अवगत कराया है। बताया कि छत के रास्ते पर ताला बंद होने के कारण पहली बार वे लोग सड़क पर गाडि़यों में बैठकर रामलीला देखने को मजबूर हुईं। कहा कि यदि जनकपुर मंदिर की छत जर्जर है तो उसके नीचे फुलवारी की लीला कैसे हुई। इससे तो खतरा भी हो सकता था।
उधर, रामनगर थानाध्यक्ष मधुप सिंह का कहना है कि दोनों तरफ से तहरीर मिली है। कु्ंवर की तहरीर में लिखा गया है कि भवन जर्जर है इसलिए ताला लगवाया गया है। थानाध्यक्ष का कहना है कि जहां ताला लगा है वह कुंअर की संपत्ति है, इसमें वे कुछ नहीं कर सकते।