वाराणसी। जिले के बेसिक स्कूलों में कैसे हो पढ़ाई, जब छात्र-शिक्षक अनुपात (40:01) का खयाल ही नहीं रखा गया। जहां शिक्षक हैं वहां छात्र नहीं और जहां छात्र हैं वहां शिक्षक नहीं। पिंडरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जलालपुर में शिक्षक के अभाव में ताला लटक रहा है। हिरामनपुर के प्रधानाध्यापक ने सहायक अध्यापक की मांग की तो उनका वेतन ही काट लिया गया।
महीनों की थुक्का-फजीहत के बाद 31 अगस्त को जिलास्तरीय शिक्षकों का समायोजन हुआ। कहा गया कि अब कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन ऐसा हो नहीं सका। पिंडरा संवाददाता के अनुसार पूर्व माध्यमिक विद्यालय जलालपुर के प्रधानाध्यापक शोभनाथ सिंह 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए। उसके बाद से यहां किसी की तैनाती नहीं की गई। यहां 70 छात्र हैं। ग्राम प्रधान बीएसए, डीएम को शिकायत करके थक गए तो तहसील दिवस में मुद्दा उठाया। तब प्रा.वि. जलालपुर के एक शिक्षक को यहां का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया। दोनों विद्यालयों की दूरी करीब एक किमी है। ऐसे में एक शिक्षक दो जगह के छात्रों को पढ़ा नहीं पा रहे थे। नतीजतन ग्राम प्रधान ने बच्चों के साथ मिलकर स्कूल में बुधवार को ताला बंद कर दिया।
पिंडरा ब्लाक के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरवां में कभी 126 छात्र थे जिनकी संख्या घट कर अब 26 रह गई है। कारण यहां एक शिक्षक थे जो बीमार चल रहे हैं। इसकी शिकायत डीएम से की गई तो एक शिक्षक फूलपुर से भेजे जरूर गए पर वह आए नहीं। हिरामनपुर के प्रधानाध्यापक ने सहायक अध्यापक की मांग की तो बीएसए ने नाराज होकर उन्होंने वेतन काट लिया। यहां 40 छात्र थे अब छात्र संख्या शून्य हो गई है। घनखरी में सौ छात्रों पर एक शिक्षक हैं वह भी संस्कृत के और उन्हीं पर अंग्रेजी, विज्ञान और गणित पढ़ाने की जिम्मेदारी है।
चौबेपुर के प्रा. वि. गौरा उपरवार में 260 छात्रों पर आठ सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र तैनात हैं। प्राथमिक विद्यालय पिंडरा प्रथम और द्वितीय में 150 छात्रों पर आठ शिक्षक हैं। यहां पांच सौ छात्रों पर 18 शिक्षक हैं।
कोट
किसी को कहीं से हटाकर कहीं और भेज दिया जाए तो सिफारिशों का ढेर लग जाता है। हर कोई मुख्यमंत्री की धौंस देता है। कभी-कभी शाम तक कहीं से कुछ लिख-पढ़कर आ भी जाता है। ऐसे में कैसे और क्या समायोजन हो...।-परमहंस सिंह यादव, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी