वाराणसी। ईंट भट्ठा मालिक कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या रंगदारी की है। पूर्वांचल के 15 से अधिक भट्ठा मालिकों से रंगदारी मांगी गई है। इनमें पांच व्यापारी बनारस के हैं। दो ने तो पुलिस को जानकारी दे दी, लेकिन बाकी ने अपने स्तर से मामला सुलझा लिया। यही नहीं, खनन को लेकर जब तक सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं करती तब तक भट्टा चालू नहीं किया जाएगा।
ईंट निर्माता परिषद के अध्यक्ष कमलाकांत पांडेय ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि भट्टा मालिकों के सामने सबसे बड़ी समस्या मिट्टी खनन पर रोक लगाने से उत्पन्न हुई है। सुरक्षा को लेकर भी भट्ठा मालिक चिंतित हैं। कोयला भी नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि खनन पर रोक के संबंध में ईंट भट्टा मालिकों के पास पुख्ता जानकारी नहीं है। सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पत्रकार वार्ता में एसके सिंह, ओमप्रकाश बदलानी आदि मौजूद थे। बता दें कि ईंट भट्ठा विजयादशमी से शुरू होकर गंगा दशहरा तक चलता है।
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सरकारी कामकाज को नहीं देंगे ईंट
वाराणसी। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बगैर खनन न करने के आदेश से भट्ठा मालिकों में हड़कंप मच गया है। भट्ठा मालिक सुप्रीम कोर्ट में पुन: याचिका दाखिल करने की तैयारी में हैं। यही नहीं, सरकार के साथ न देने से नाराज भट्ठा मालिकों ने सरकारी कामकाज के लिए ईंट की सप्लाई बंद करने का निर्णय लिया है। ईट निर्माता समिति के अध्यक्ष रामचंद्र शर्मा, रतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 15 नवंबर से तीन दिनों तक ईंट की बिक्री बंद रहेगी। इस दौरान हम कोई कर भी नहीं जमा करेंगे। सर्वे का बहिष्कार किया जाएगा।