वाराणसी। कैंट स्टेशन पर आरक्षित बोगियों वाले यात्री जहां दलालों से परेशान हैं वहीं जनरल बोगियों में यात्रा करने वाले सीट बेचने वालों से। एक-एक सीट 50 से सौ रुपये में बेचने वाले एक कुली को शुक्रवार को आरपीएफ ने दबोच लिया। मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। यह तो महज बानगी है, जबकि हकीकत यह है कि हर ट्रेन की जनरल बोगियों में सीटें बेचने का गोरखधंधा चल रहा है।
कैंट स्टेशन पर लंबी दूरी वाली ट्रेनों की जनरल बोगियों में कुली और दलाल सीटों पर कब्जा कर बैठ जाते हैं। जब यात्री पहुंचते हैं तो उन्हें सीट नहीं मिलती। इसके बाद शुरू हो जाता है सीटें बेचने का खेल। खासकर यह धंधा उन ट्रेनों में ज्यादा होता है जिनमें भीड़ होती है। चूंकि इस समय दीपावली पर घर आने वाले लौट रहे हैं और छठ पूजा भी आने वाली है, ऐसे में प्रत्येक ट्रेन में भीड़ उमड़ रही है। कुली और दलाल इसी का फायदा उठा रहे हैं। शुक्रवार को मुुंबई जाने वाली महानगरी एक्सप्रेस में सीट बेच रहे सिगरा निवासी कुली कमरुद्दीन को तब पकड़ा गया जब यात्रियों ने उसकी शिकायत आरपीएफ से कर दी। आरपीएफ इंसपेक्टर कमलेश्वर सिंह ने बताया कि कुली के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इस बाबत मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक एके गुप्ता का कहना था कि आरपीएफ की रिपोर्ट मिलने के बाद कुली के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, ट्रेनों की आकस्मिक जांच भी कराई जाएगी ताकि इस गोरखधंधे पर रोक लग सके।
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बिहार की ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी नहीं
वाराणसी। डाला छठ के चलते कैंट स्टेशन से बिहार जाने वाली ट्रेनों में इन दिनों वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा। खासतौर से लिच्छवी, स्वतंत्रता सेनानी, फरक्का एक्सप्रेस आदि में। मुख्य टिकट पर्यवेक्षक विमल पांडेय के अनुसार इस समय यदि किसी ट्रेन का टिकट मिल भी रहा है तो उसमें वेटिंग चार सौ से ऊपर चल रहा है। अब यात्रियों के पास यही रास्ता है कि वे तत्काल टिकट लें या फिर जनरल बोगियों में यात्रा करें।
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दुर्घटना होते-होते बची
वाराणसी। कैंट रेलवे स्टेशन से सीधे रास्ते बाहर न निकलने वाले यात्रियों के साथ किसी भी दिन अनहोनी हो सकती है। आम तौर पर देखा जाता है कि ज्यादातर ट्रेनों से कैंट पहुंचने वाले यात्री सीधे रास्ते बाहर न आकर रेल लाइन होते हुए रोडवेज के सामने निकलते हैं। शुक्रवार को महानगरी एक्सप्रेस ट्रेन सुबह आठ बजे कैंट पहुंची। इससे उतरकर अधिकांश यात्री रेलवे लाइन होते हुए रोडवेज की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान सिटी स्टेशन की तरफ से मालगाड़ी आ गई। गनीमत थी कि ड्राइवर ने भीड़ देख ली। मौके पर मौजूद आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन रुकवा दी, वरना हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता था। आरपीएफ इंसपेक्टर कमलेश्वर सिंह का कहना है कि रोडवेज के सामने निकलने वाले रास्ते को बंद कराया गया था, मगर यात्रियों ने थोड़ा आगे दूसरा रास्ता बना लिया। इस रास्ते को भी बंद कराया जाएगा।