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शहीद डिप्टी कमांडेंट पंचतत्व में विलीन

Varanasi Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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वाराणसी। नक्सलियों के बारूदी सुरंग के चलते घायल सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट विनोद कुमार सिंह ने दिल्ली के एम्स में कल दम तोड़ दिया। राजकीय सम्मान के साथ बुधवार की शाम हरिश्चंद्र घाट पर शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि उनके 14 साल के बेटे शुभम ने दी।
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बिहार के गया में 18 अक्तूबर को पेट्रोलिंग के दौरान नक्सलियों की बिछायी बारूदी सुरंग से सीआरपीएफ का वाहन उड़ गया। वाहन में सवार नौ जवानों की मौत हो गई। डिप्टी कमांडेंट विनोद कुमार सिंह समेत तीन लोग घायल हो गए। डिप्टी कमांडेंट का इलाज कराने के लिए परिजन लेकर दिल्ली के एम्स में गए। उपचार के दौरान कल अत्याधुनिक अस्पताल में डिप्टी कमांडेंट ने दम तोड़ दिया। परिजनों की इच्छा के मुताबिक सीआरपीएफ के अधिकारी अपने जवान को लेकर बुधवार की शाम हरिश्चंद्र घाट पर पहुंचे। यहां गाड आफ आनर देने के बाद परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। डिप्टी कमांडेंट तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई जितेंद्र सिंह और छोटा भाई नरेंद्र सिंह बिहार पुलिस में तैनात हैं। उनकी दो संतानों में शुभम हाईस्कूल का छात्र है। बेटी अंकिता रायबरेली में मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रही है। बेटे के मुखाग्नि देते समय परिजनों के अलावा साथी जवानों की आंखें डबडबा गई।
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