वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बीएड, एमएड और बीलिब की प्राइवेट परीक्षा संबंधित लाया गया प्रस्ताव बुधवार को प्रवेश समिति की बैठक में खारिज कर दिया गया। समिति ने इन पाठ्यक्रमों को व्यावसायिक बताते हुए यह फैसला किया।
कुलपति प्रो. बिंदा प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में समिति की बैठक में यह भी तय किया गया कि जिन छात्राें की उपस्थिति 75 फीसदी से कम है, वे नियमित छात्र के तौर पर परीक्षा नहीं दे सकेंगे। उन्हें व्यक्तिगत तौर पर परीक्षा देने की छूट दी गई। इसी प्रकार प्रवेश के जरूरी कागजात जमा न करने के कारण जिन 28 छात्राें का प्रवेश निरस्त कर दिया गया था, उन्हें भी व्यक्तिगत अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई है। समिति ने यह भी तय किया कि एक छात्र को दो प्रकार की छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी।