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मरीजाें का धैर्य टूटा, कहीं डिस्चार्ज तो कहीं नोकझाेंक

Varanasi Updated Fri, 08 Mar 2013 05:30 AM IST
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वाराणसी। पंडित दीनदयाल अस्पताल के चिकित्सक डा. राजेश कुमार सिंह की पिटाई के विरोध में गुरुवार को भी सरकारी अस्पतालाें में ओपीडी सेवाएं ठप रहीं। चिकित्सकों की हड़ताल से परेशान मरीजों का धैर्य भी टूटता जा रहा है। कबीरचौरा अस्पताल के कुछ मरीजसुबह ही डिस्चार्ज कराकर दूसरी जगह चले गए। जबकि, भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानंद अस्पताल के ओपीडी में उपचार कराने को लेकर मरीजाें और डाक्टराें में काफी देर तक नोकझाेंक होती रही। ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालाें में भी ओपीडी सेवाएं ठप रहीं। आईएमए की अपील के बावजूद शहर के अधिकांश निजी अस्पतालों में ओपीडी खुले रहे। उधर, अभी तक तीन हमलावराें की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज सरकारी डाक्टर शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। इसके अलावा आईएमए में सुबह 11 बजे से डाक्टर धरना भी देंगे।
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मस्तिष्क ज्वर से पीडि़त सासाराम निवासी संजय सेठ कबीरचौरा अस्पताल के वार्ड नंबर सात में भर्ती था। उसने बताया कि बुधवार की रात वार्ड नंबर सात में कोई डाक्टर मरीजों को देखने नहीं आया। उसने बीएचयू अस्पताल के लिए रेफर करा लिया। इसी अस्पताल में भर्ती कैमूर की फुलवती देवी की आंख में चोट लगने के बाद आपरेशन हुआ था। परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल में चले गए। भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानंद अस्पताल में सोनारपुरा के संजय, रहमान, मनोज इलाज के लिए पहुंचे थे। इन मरीजों और डाक्टराें के बीच ओपीडी में उपचार कराने को लेकर देर तक नोकझाेंक हुई। हड़ताल के दौरान पहले दिन की अपेक्षा दूसरे दिन अस्पतालाें में उपचार के लिए कम मरीज पहुंचे। जबकि, सुंदरपुर, डीएलडब्लू, लंका, मलदहिया, रविन्द्रपुरी, सिगरा, भोजूबीर, अर्दलीबाजार क्षेत्र स्थित निजी अस्पतालाें में चिकित्सकाें ने इमरजेंसी केस बताकर ओपीडी संचालित किया। आईएमए सचिव डा. आलोक भारद्वाज ने बताया कि सभी सदस्यों से हड़ताल पर रहने की अपील की गई थी लेकिन, उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया।

कोट:
पुलिस का कोई भी अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है। यही नहीं काउंटर केस कराने की धमकी भी दी जा रही है। अस्पताल में डाक्टरों की सुरक्षा की व्यवस्था तो पुलिस को ही करनी होगी। सरकार हास्पिटल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करे तथा सभी आरोपियाें की गिरफ्तारी हो तभी हड़ताल समाप्त होगी।- डा. डीएन शर्मा, अध्यक्ष, प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, वाराणसी।
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इधर हड़ताल का समर्थन, उधर घर में मरीजाें का उपचार
वाराणसी। सरकारी अस्पतालाें के कुछ डाक्टर हड़ताल का समर्थन भी कर रहे हैं और गुपचुप तरीके से मरीजों का इलाज भी। बुधवार की रात चिकित्सकों ने भोजूबीर, अर्दलीबाजार, शिवपुर, रामकटोरा स्थित अपने आवासों के अलावा आनकाल पर निजी अस्पतालाें में भी मरीजों का उपचार किया।
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बीएचयू के ओपीडी में मरीजाें की भीड़ बढ़ी
वाराणसी। सरकारी डाक्टराें की हड़ताल के कारण बीएचयू के ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुधवार को यहां 3400 मरीज देखे गए थे जबकि गुरुवार को यह संख्या बढ़कर 3600 हो गई। सामान्य दिनाें में बीएचयू के ओपीडी में औसतन 3000 मरीजों का उपचार होता है।
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इंस्पेक्टर को देख चिकित्सक भड़के
वाराणसी। पंडित दीनदयाल अस्पताल में आईएमए और प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के पदाधिकारी गुरुवार की सुबह बैठक कर रहे थे। इसी बीच कैंट इंस्पेक्टर अनिरूद्ध सिंह वहा पहुंच गए। उन्हें देखते ही डाक्टराें का गुस्सा भड़क गया। उनका कहना था कि जब डाक्टर की पिटाई हो रही थी तो इंस्पेक्टर ने आने की तत्परता नहीं दिखाई लेकिन हड़ताल के संबंध में बैठक की सूचना मिलते ही धमक पड़े। चिकित्सकाें का गुस्सा देख इंस्पेक्टर वहां से चले गए।
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