वाराणसी। जुमे की नमाज अदाकर शुक्रवार को 10 सदस्यीय जायरीनों का जत्था चादर लेकर अजमेर शरीफ के लिए पैदल रवाना हुआ। नारे तकबीर और अल्लाह-ओ-अकबर के नारों के साथ जब यह जत्था निकला तो चादर की जियारत करने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इसके अलावा, लोगों ने अपनी मन्नतें भी इस चादर के जरिये औलिया इकराम तक पहुंचाने की इल्तिजा की। मई में होने वाले हजरत मोइनुद्दीन चिश्ती के उर्स में यह जत्था शामिल होगा और काशी की ओर से यह चादर उन्हें पेश की जाएगी।
शुक्रवार को पुराना पुल स्थित जिन्नाती मसजिद से नगर निगम के पूर्व उपसभापति अमरदेव यादव ने हरी झंडी दिखाकर जत्थे को रवाना किया। इस दौरान यहां पर काफी लोग इकट्ठा हुए थे। चालीस दिन की इस यात्रा के दौरान जायरीन पैदल ही अलग-अलग दरगाहों पर हाजिरी लगाएंगे। दल का नेतृत्व कर रहे अब्दुल रहमान ने बताया कि हमारा जत्था अजगैब शहीद रहमतुल्लाह अलैह, लाटशाही बाबा की मजार सहित देवा शरीफी, कलियर शरीफ, दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पर हाजिरी लगाते हुए चालीस दिनों में अजमेर शरीफ पहुंचेगा। यहां पर हजरत मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई जाएगी और मुल्क की सलामती के लिए दुआएं की जाएंगी। इस दल में इश्तियाक अहमद, अलताफ रहमान, अब्दुल वहीद, मुमताज अहमद, अनीसुर्रहमान, समशुल हक और नौशाद के साथ दीनानाथ भी शामिल हैं।