वाराणसी। गंगा से दो सौ मीटर के दायरे में चिह्नित अवैध निर्माणों पर मंगलवार को फिर विकास प्राधिकरण का हथौड़ा चला। जोनल अधिकारियों के नेतृत्व में घाटों पर पहुंची टीमों ने मानसरोवर, केदारघाट, हरिश्चंद्र व प्रह्लाद घाट स्थित छह भवनों को ध्वस्त करा दिया। इनमें से कुछ भवनों को भवन स्वामियों ने खुद गिरवाना शुरू कर दिया था। स्वयं अवैध निर्माण गिराने वालों में एक पार्षद भी शामिल हैं। इस बीच प्राधिकरण सचिव सर्वज्ञ राम मिश्र ने मौके पर पहुंचकर 13 भवन स्वामियों को अवैध निर्माण गिरवाने की चेतावनी दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विकास प्राधिकरण को गंगा से दो सौ मीटर के दायरे में चिह्नित 25 अवैध निर्माणों की सूची भेजी है। इसके मद्देनजर सुबह दशाश्वमेध व आदमपुर के जोन प्रभारी संयुक्त सचिव सतीश मिश्रा तथा भेलूपुर के प्रभारी दिनेश राय के नेतृत्व में निकली टीमों ने छह अवैध निर्माणों को ढहा दिया। प्राधिकरण की एक टीम ने भेलूपुर पुलिस को साथ लेकर शाम तक मानसरोवर घाट स्थित एक रेस्टोरेंट के प्रथम तल पर बने बरामदे को ध्वस्त करा दिया। अधिकारियों ने केदारघाट पर दो अवैध निर्माणों को ध्वस्त कराया। इनमें से एक मठ के प्रथम तल पर बने एक कमरे को शाम तक ध्वस्त कराया गया। प्राधिकरण की टीम ने केदारघाट पर ही एक अन्य भवन के बेसमेंट व भूतल पर बने तीन कमरों को भी ध्वस्त कराना शुरू किया। शाम तक भूतल पर बने कमरे को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष वीके सिंह ने बताया कि एक पार्षद का हरिश्चंद्र घाट पर पांच मंजिला भवन भी अवैध निर्माणों की सूची में शामिल है। इस भवन के पांचवें तल पर हाल बनवाकर रेस्टोरेंट चलाया जा रहा है। प्राधिकरण के लोग जब मौके पर पहुंचे तो पार्षद ने खुद ही निर्माण गिरवाना शुरू करा दिया। इसके अलावा प्रह्लाद घाट और गायघाट के दो अवैध निर्माणों को भी गिरा दिया गया।