वाराणसी। संस्कृत बोर्ड की परीक्षा के पहले ही दिन व्यवस्था तार-तार हो गई। हाल यह रहा कि एक केंद्र के गेट पर तलाशी के दौरान लगभग दो बोरे किताबें मिलीं। यहीं नहीं कक्ष निरीक्षकों ने परीक्षार्थियों द्वारा मोजे के अंदर छिपा कर रखे गए चिट पकड़े। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रजीत सिंह यादव ने संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीपापुर में तीन नकलचियों को पकड़ा। उन्होंने सभी केंद्राध्यक्षों को पारदर्शी ढंग से परीक्षा कराने का निर्देश दिया। कहा कि यदि परीक्षा में लापरवाही मिली तो संबंधित व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष की संस्कृत काव्य की परीक्षा बुधवार की सुबह की पाली में थी। द्वितीय पाली में प्रथमा की अनिवार्य संस्कृत व्याकरण और उत्तर मध्यमा प्रथम वर्ष की अनिवार्य संस्कृत काव्य की परीक्षा थी। खेदनलाल राष्ट्रीय इंटर कालेज चेतगंज में सुबह और शाम की पाली में गेट पर चेकिंग के दौरान प्रधानाचार्य डा. श्यामजीत सिंह यादव और कक्ष निरीक्षकों ने दो बोरा किताबें पकड़ीं। इससे परीक्षार्थियों में अफरातफरी मच गई। प्रधानाचार्य ने बताया कि कुछ परीक्षार्थियों ने पगड़ी और मोजे के अंदर चिट रखे थे। परीक्षा पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है।