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बदमाशों को पकड़ने निकलें एएसपी : आईजी

Varanasi Updated Thu, 25 Apr 2013 02:37 PM IST
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वाराणसी। यातायात पुलिस लाइन में हुई दस जिलों की समीक्षा बैठक में आईजी ने एडीजी कानून व्यवस्था के निर्देश के बाद भी बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने समीक्षा में पाया कि जोन के सात एएसपी निर्देश के बाद भी बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए नहीं निकले। बैठक में उन्होंने जन शिकायत के शेष मामले निबटाने, इनामी बदमाशों को फंदे में लेने और चोरी के वाहन शीघ्र बरामद करने के निर्देश दिए।
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समीक्षा के दौरान पाया गया कि बनारस शहर में 21, देहात में 26, पूरे रेंज में 98, आजमगढ़ रेंज में 89 और मिर्जापुर रेंज में 25 वांटेड बदमाश हैं। जोन में दस हजार से अधिक के 19 इनामी हैं, जबकि दस से कम वाले बदमाशों की संख्या 78 है। इस मामले में वाराणसी रेंज ने 70 फीसदी कार्रवाई की है। इसी प्रकार आजमगढ़ रेंज में दस हजार से अधिक के चार, दस हजार से कम के 19, मिर्जापुर में दस हजार से अधिक का एक और कम के 21 वांटेड बदमाश हैं। आईजी ने इस पर नाराजगी जताई कि एडीजी कानून व्यवस्था के निर्देश के बाद भी गाजीपुर नगर, आजमगढ़ ग्रामीण, मऊ, बलिया, मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही के एएसपी बदमाशों के खिलाफ दबिश देने नहीं गए। समीक्षा के दौरान बनारस में 281, चंदौली में 30, गाजीपुर में 68, जौनपुर में 83, आजमगढ़ में 88, मऊ में 87, बलिया में 126 और सोनभद्र में 23 चोरी के वाहनों को अब तक बरामद न करने का मुद्दा भी उठा। इस पर त्वरित कार्रवाई करने की हिदायत दी गई। इसी प्रकार जन शिकायत के शेष 56 मामले शीघ्र निबटाने को कहा गया।
आईजी ने बताया कि बड़े बदमाश ब्रजेश सिंह, संकट मोचन ब्लास्ट के आरोपी शमीम अंसारी, सुहेल, प्रेम प्रकाश उर्फ मुन्ना बजरंगी, एमएलसी विनीत सिंह के खिलाफ पैरवी के लिए एएसपी स्तर के अधिकारियों को लगाया गया है। दहेज हत्या और बलात्कार के मामले में कार्रवाई संतोषजनक न मिलने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे मामले में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों की सौ फीसदी गिरफ्तारी करने का निर्देश दिया।
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