पकड़े गए आरोपी कुमार मंगलम और आशुतोष त्रिपाठी
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पूछताछ में कुमार मंगलम ने बताया कि पहले वह और गौरव सभी एक-दूसरे के दोस्त थे। वाराणसी का स्थानीय होने के कारण गौरव के पास लड़के पर्याप्त संख्या में थे और बीएचयू परिसर से लेकर बाहर तक उसकी धाक थी। वह बिड़ला 'सी' में रहता था, इस वजह से इस हॉस्टल के छात्रों का पक्ष लेता था।
वहीं, गौरव अपने छोटे भाई सौरभ के कारण बिड़ला 'ए' और लालबहादुर हॉस्टल के छात्रों के पक्ष में रहता था। इसी कारण से दोनों के बीच दूरी शुरू हुई। कुमार मंगलम ने बताया कि सरस्वती पूजा के दौरान गौरव ने उसका विरोध किया था।
इसके बाद स्पंदन के दौरान गौरव और उसके भाई सौरभ ने मारपीट कर हम लोगों को अपमानित किया। उसके दोस्त पवन मिश्रा के खिलाफ अभिजीत मिश्रा से मुकदमा दर्ज करवा कर उसे जेल पहुंचा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में फिर मारपीट हुई और गौरव का पक्ष भारी पड़ा।
परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों से संबंधित ठेकेदारों से पैसा लिया जाता था तो उसमें भी गौरव अड़ंगा डालता था। इस वजह से उसे रास्ते से हटाने की ठानी गई। इस मामले में एक आरोपी रूपेश तिवारी घायल है, जबकि विनय द्विवेदी और बक्सर निवासी प्रोफेसर व रावण की तलाश में पुलिस की तीन टीमें बिहार रवाना की गई हैं।
कुमार मंगलम और आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि गौरव पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। उसके साथ छात्रनेता आशुतोष सिंह यीशू भी था। हालांकि गोली चलते ही वह नाले में कूद गया और उसकी जान ऊपर वाले ने बचा ली। कुमार मंगलम के अनुसार, गौरव और उसके साथ के लड़कों की वजह से यीशू ने छात्रों के बीच दबदबा बना रखा है और नेतागीरी करता है।
गौरव की हत्या के विरोध में बीएचयू से निष्कासित छात्र आशुतोष सिंह ने बुधवार को बीएचयू गेट बंद कर आवागमन रोक दिया था। इसके पहले मंगलवार रात बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में तोड़फोड़ की गई थी। दोनों प्रकरणों में दो अलग-अलग मुकदमे लंका थाने में आशुतोष सिंह सहित अन्य के खिलाफ दर्ज किए गए हैं। एसपी सिटी ने बताया कि आशुतोष बीएचयू से निष्कासित है। उसे ताकीद की गई है कि यदि वह दोबारा बीएचयू परिसर में दिखाई देगा तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।