ट्रकों की अवैध पार्किंग से सिकुड़ गई जीटी रोड
पुराने जीटी रोड पर बौलिया तिराहे से चांदपुर चौराहे के बीच सड़क के फोरलेन होने के बावजूद ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यहां ठीक से दो लेन भी खाली नहीं बचती। ऐसा ट्रकों की अराजकता के चलते रोजाना लगने वाले जाम के कारण राहगीरों के साथ ही स्कूली बच्चों, एंबुलेंस सवार मरीजों और बुजुर्गों को इससे दो-चार होना पड़ रहा है। आए दिन लोग चोटिल भी हो जाते हैं। ट्रकों की अराजकता की सबसे बड़ी वजह ट्रैफिक पुलिस, मंडुवाडीह थाना और आरटीओ की बेपरवाही है।
पुराना जीटी रोड की दोनों पटरियों के साथ ही सड़क पर भी ट्रकों का रेला कभी भी देखा जा सकता है। सड़क घेरकर खड़े रहने वाले ट्रक पूरी ट्रैफिक व्यवस्था के लिए सिरदर्द बन गए हैं। इस मार्ग से रोजाना एक लाख से अधिक छोटे-बड़े वाहन इलाहाबाद और बिहार की ओर से पूर्वांचल के विभिन्न जिलों की तरफ आते-जाते हैं। बौलिया तिराहा से चांदपुर चौराहा तक जीटी रोड और इसकी दोनों पटरियोें पर ट्रकों की अराजकता से 60 फीट चौड़ी यह सड़क सिकुड़ कर 15 से 20 फीट तक रह जाती है।
ट्रकों की अराजकता यहीं तक सीमित नहीं, चांदपुर चौराहे से मंडुवाडीह थाने की तरफ जाने वाले रास्ते के साथ ही इस इलाके की गलियों में भी ट्रक जहां-तहां खड़े रहते हैं। चांदपुर इंडस्ट्रियल इस्टेट, मंडुवाडीह, महेशपुर, बौलिया, शिवदासपुर, लहरतारा सहित आसपास के लोगों को इससे रोजाना मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। कुछ यही हाल लहरतारा चौराहा से मंडुवाडीह चौराहा की ओर जाने वाले मार्ग का भी है।