बिना सर्विस रोड बनाए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराए जाने के चलते महमूरगंज से मंडुवाडीह के बीच आवागमन किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं। पुल के निर्माण के चलते सड़कें पूरी तरह बरबाद हो गई हैं। अगल-बगल से किसी तरह लोेग आ-जा रहे हैं। जगह-जगह गड्ढों में गुम हो चुकी इस सड़क पर चलना किसी स्टंट से कम नहीं रह गया है। ट्रैफिक का दबाव बढ़ने पर रोजाना जाम की सांसत झेलनी पड़ रही सो अलग। और तो और यहां कार्यदायी संस्था सेतु निगम ने सुरक्षा के तौर पर बेरिकेडिंग तक नहीं किया है जबकि पिलर और स्लैब के बाद अब रिटेनिंग वाल के निर्माण की तैयारी चल रही है। बिना पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध के कार्य कराया जाना कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है लेकिन कार्यदायी संस्था तो आंखें मूंदे ही है, उच्चाधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं। यह हालत तब है जब इस सड़क से रोजाना लाखों लोग गुजरते हैं।
सर्विस रोड न बनाए जाने के चलते पैदल और दोपहिया वाहनों से चलने वाले अक्सर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। न तो यहां कार्यदायी संस्था सेतु निगम ने सुरक्षा के कोई उपाय किए हैं और न ही सर्विस रोड को ही दुरुस्त किया है। सड़क खराब होने की वजह से पूरे दिन जाम भी लग रहा है। दिल्ली जाने वाली शिवगंगा ट्रेन पकड़ने वाले यात्री इसी मार्ग से मंडुवाडीह स्टेशन जाते हैं। डीरेका व भिखारीपुर हाइडिल कॉलोनी जाने वाले लोग भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं।
डीरेका, ककरमत्ता क्षेत्र में कई अस्पताल हैं। बावजूद इसके जनता की सुविधाओं का ख्याल अधिकारियों को नहीं है। उधर, चौकाघाट फ्लाईओवर विस्तार कार्य में अंधरापुल के पास बेतरतीब ढंग से निर्माण सामग्री फैलने से वाहनों को निकलने की जगह नहीं मिल रही है। कैंसर अस्पताल और रोडवेज के पास भी सर्विस रोड नहीं है। कैंट तिराहे पर बैरियर लगने से इंग्लिशिया लाइन से आने वाले वाहन पहले लहरतारा पुल की ओर आते हैं। यहां जहां निर्माण कार्य चल रहा है वहीं वसुंधरा गेट नंबर पांच से भी लोगांे का आवागमन होता है। इसके चलते भी स्थिति खतरनाक है।