दूषित जलापूर्ति और गंदगी की वजह से काशी विद्यापीठ ब्लॉक के कोटवा गांव में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। पिछले दिनों चेचक से एक बच्चे की मौत के बाद अब यहां डायरिया फैल गया है। गांव की पांच बस्तियों 50 से अधिक लोग बीमार हैं। सोमवार को डायरिया से मुस्लिमपुरा बस्ती में दो लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। डीएम के निर्देश पर पहुंची चिकित्सकों की टीम ने गांव में क्लोरीन की गोलियां बांटने के साथ साफ पानी पीने और सफाई पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
कोटवा गांव की मुस्लिमपुरा, खरका, डीहवा, नई बस्ती और ठकुरान बस्ती में समस्याओं का अंबार है। जगह-जगह सीवर का गंदा पानी बहने और लंबे समय से दूषित जलापूर्ति की वजह से लोग बीमार होते जा रहे हैं। पिछले दिनों गांव में चेचक फैलने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। अब यहां तीन दिन से डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। लोग झोला छाप डॉक्टरों से इलाज करा रहे हैं। इस बीच सोमवार को दो साल के बच्चे नादीर और सलमा (35) की मौत हो गई, जिससे बस्तियों में हड़कंप मचा हुआ है। दोनों बुखार और उल्टी-दस्त से परेशान थे। 50 से अधिक लोग बीमार हैं। मामले की जानकारी होने हुई तो जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने सीएमओ डॉ. वीबी सिंह को समुचित कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद ने गांव में चिकित्सकों की टीम भेजी गई।
सीएमओ ने बताया कि बस्तियों में गंदगी की वजह से बीमारियां फैल रही हैं। काशी विद्यापीठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. ओपी शुक्ला को बस्तियों में घर-घर क्लोरीन की गोलियां बांटने और लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है। बताया कि चिकित्सकों की टीम पीड़ितों की मानीटरिंग करती रहेगी। हालांकि सीएमओ ने सलमा की मौत की वजह डायरिया को मानने से इनकार कर दिया है। उनका कहना था कि महिला की मौत तेज बुखार के कारण हुई है।