अल्मोड़ा। उत्तराखंड स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराधिकारी संगठन की चौघानपाटा में हुई बैठक में वक्ताओं ने जिले की कई तहसीलों में कुटुंब पेंशन योजना लागू नहीं होने पर रोष जताया। शासनादेश होने के बावजूद नए परिचय पत्र अब तक जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने अहिंसात्मक तरीके से अपनी बात जिलाधिकारी तक पहुंचाने का एलान किया गया।
उन्होंने कहा कि जिले की कई तहसीलों में कुटुंब पेंशन योजना लागू नहीं की जा रही है। इस कारण स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासनादेश होने के बाद भी स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों को अब तक परिचय पत्र जारी नहीं किए गए हैं। काफी प्रयासों के बाद भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर सार्वजनिक स्थलों का नामकरण नहीं हो पा रहा है। आवास विहीन स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों को भूमि भी आवंटित नहीं की जा रही है। इससे उनमें आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के उत्तराधिकारियों की समस्याओं के समाधान करने के मामले में सरकार संवेदनहीन हो गई है। तय हुआ कि अहिंसात्मक तरीके से वह अपनी बात जिला प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। अध्यक्षता कमलेश पांडे तथा संचालन कैलाश वर्मा ने किया। बैठक में शिवशंकर बोरा, कैलाश वर्मा, विनय कुमार पांडे, भूपाल सिंह गैड़ा, ललित मनराल, विपिन चंद्र जोशी, यशवंत सिंह परिहार, कुंवर सिंह चम्याल, बहादुर सिंह रावत, भगवती नेगी, दया त्रिपाठी, भारत पांडे आदि मौजूद थे।