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परंपरागत कृषि विकास योजना में जिले को तीन करोड़ स्वीकृत

हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 09 Jan 2019 10:50 PM IST
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अल्मोड़ा। परंपरागत कृषि विकास योजना में कृषि विभाग को तीन करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। कृषि विभाग जिले में परंपरागत फसलों को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा। योजना के तहत काश्तकार को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा।
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पर्वतीय क्षेत्र में काश्तकारों का परंपरागत खेती से मोहभंग हो रहा है। सरकार द्वारा परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना चलाई जा रही है।

इस योजना में काश्तकार कलस्टरों के माध्यम से खेती करेंगे। कृषि विभाग ने जिले में 215 कलस्टर गठित किए हैं। 20 हेक्टेयर में एक कलस्टर गठित कर उसमें 50 कृषकों को शामिल किया गया है। कलस्टरों के माध्यम से परंपरागत खेती और जैविक उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना में कृषि विभाग को तीन करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।
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कलस्टरों के जरिए परंपरागत फसलों, मडुवा, रामदाना, झुंगरा आदि फसलों के उत्पादन के लिए काश्तकारों को प्रोत्साहित किया जाएगा। काश्तकारों को योजना के तहत उन्नत बीज और दवाइयां सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जैविक खाद उत्पादन के लिए बर्मी कपोस्ट पिट बनाए जाएंगे। मुख्य कृषि अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि समय-समय पर कृषकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही तकनीकी गुर सिखाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण भी कराया जा रहा है।
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