चौखुटिया (अल्मोड़ा)। रामगंगा के तट पर अगनेरी में 114 साल पहले बने मां काली के मंदिर में रविवार को पहली बार किसी की शादी हुई। वहां खलना (द्वाराहाट) निवासी भवान सिंह मेहरा और तिमिलखाल (चौखुटिया) निवासी पुष्पा कनौंणियां बिष्ट प्रणय सूत्र में बंधे। पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह नेगी ने अपनी ओर से बैंड की व्यवस्था की। जिसमें बाराती, घरातियों के साथ ही मंदिर समिति के पदाधिकारी भी नाचे।
दूल्हे पक्ष से आचार्य दिनेश चंद्र तिवारी और दुल्हन पक्ष से आचार्य राजेंद्र फुलोरिया थे। सऊदी अरब में कार्यरत दूल्हे भवान ने बताया कि उन्होंने सादगी से शादी करने का मन पहले ही से बनाया था। मंदिर में सादगी से शादी की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार दीवान सिंह बिष्ट ने भी मंदिर परिसर में पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया। इस दौरान दोनों के परिजन, 12 से अधिक बाराती, इतने ही घरातियों समेत मंदिर के पुजारी केवलानंद जोशी, डॉ. कुलदीप बिष्ट, प्रधान दान सिंह, जीवन नेगी, राजेश अग्रवाल, दरबान सिंह बिष्ट थे।