अल्मोड़ा। पटवारी भर्ती की लिखित परीक्षा रविवार को होगी। परीक्षा को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा में अव्वल रहने के बावजूद कई परीक्षार्थियों को लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिल पाए हैं। प्रवेश पत्र न मिलने के बावजूद उत्तरकाशी, देहरादून, बागेश्वर आदि जिलों के कई अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे हैं। उन्होंने शनिवार को अल्मोड़ा में डीएम सविन बंसल से मुलाकात की लेकिन उन्हें फिर भी प्रवेश पत्र नहीं मिल पाया।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने शारीरिक दक्षता में सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच की। इस दौरान सैकड़ों आवेदकों के राज्य के मूल निवास प्रमाण पत्र देखा गया लेकिन छायाप्रति जमा नहीं करवाई। मूल प्रमाण पत्र की छायाप्रति जमा नहीं करने वाले आवेदकों को 22 मई को होने वाली लिखित परीक्षा का प्रवेश पत्र ही जारी नहीं हुआ। प्रवेश पत्र जारी न होने से नाराज सैकड़ों आवेदकों ने कुछ दिन पहले डीएम कार्यालय में हंगामा किया था।
इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों ने दो दिन में इन आवेदकों के मूल प्रमाणपत्रों की छायाप्रति लेकर शासन को भिजवाई थी। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद 223 आवेदकों को लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी किए गए लेकिन कई अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र नहीं मिले हैं। इनमें कई अभ्यर्थी परीक्षा देने भी पहुंच गए हैं लेकिन प्रवेश पत्र नहीं मिल सके।
शनिवार को उत्तरकाशी के धर्मपाल, सुनील रावत, देहरादून के लीला दत्त, बागेश्वर के वीरेंद्र गिरी, अल्मोड़ा की किरन कनवाल, अंजलि राणा, प्रकाश आर्या, संतोष आदि आवेदकों ने डीएम सविन बंसल से मुलाकात कर प्रवेश पत्र जारी करने की गुहार लगाई। डीएम ने कहा कि प्रवेश पत्र परीक्षा एजेंसी (यूबीटीईआर) द्वारा जारी किए जा रहे हैं।
आवेदकों के प्रार्थना पत्र को शासन को भेज दिया गया है। प्रवेश पत्र जारी करने के मामले में शासन स्तर से ही निर्णय होगा। प्रवेशपत्र न मिलने से आवेदकों में मायूसी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हरीश रावत और राज्यपाल को ज्ञापन भी भेजे। किसी तरह प्रवेश पत्र मिलने की उम्मीद में आवेदक अल्मोड़ा में ही जमे पड़े हैं।