पकड़ा गया अवैध खनन सामग्री ले जा रहे बुलेरो वाहन।
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सल्ट ब्लाक पर रामगंगा नदी पर अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। शाम होते ही यहां खनन माफिया सक्रिय हो जाते हैं। नदी से अवैध रूप से निकाले गए उपखनिज को खच्चरों के जरिये सड़क तक लाया जाता है। इससे इसे निर्धारित स्थानों पर डंपरों तथा पिकप से भेजा जाता है। शाम होते ही अवैध खनन सामग्री को ठिकाने लगा दिया जाता है। लगातार हो रहे खनन से रामगंगा नदी छलनी हो गई है।
रामगंगा नदी में लंबे समय से धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। शाम होते ही यहां माफिया सक्रिय हो जाते हैं। उनको पुलिस तथा प्रशासन का भी कोई खौफ नहीं है। रामगंगा नदी में जगह-जगह खनन होने से नदी छलनी हो गई है। खनन माफिया रात में खच्चरों के जरिये नदी से उपखनिज को मरचूला-भिकियासैंण मोटर मार्ग के बन्द्राण के पास एकत्रित करते हैं। यहां से अवैध खनन सामग्री निर्धारित जगहों पर पहुंचायी जाती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अवैध खनन सामग्री की एवज में खनन माफियाओं को मोटी रकम मिलती है। जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत ने उप जिलाधिकारी से रामगंगा नदी पर हो रहे खनन की शिकायत की थी। इसके बाद भी अवैध खनन कार्य नहीं रुक रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अवैध खनन रोकने के लिए खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
अवैध रेता ले जा रहे बोलेरो पिकप का चालान काटा
मौलेखाल। मरचूला-भिकियासैंण मोटर मार्ग में बन्द्राण के पास तहसील प्रशासन ने बोलेरो पिकप संख्या यूके-04-सीए- 9522 को अवैध रेता ले जाते हुए पकड़ लिया। उन्होंने वाहन का आठ हजार रुपये का चालान काटा। बोलेरो और पिकअप भिकियासैंण निवासी एक ठेकेदार की बतायी जा रही है। प्रशासन की टीम में तहसीलदार सतीश चंद्र बर्थवाल, तहसील नाजर जगदीश सिंह नेगी, राजस्व उप निरीक्षण कौशल सिंह चौहान आदि शामिल हैं।
कोट
रामगंगा नदी में खनन होने की शिकायत मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच कर खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करती है। नदी में किए गए खनन को नापकर खनन कार्य में लगे खच्चर स्वामियों से वसूली की जाएगी। जल्द टीम गठित की जाएगी।
सतीश चंद्र बर्थवाल, तहसीलदार सल्ट (अल्मोड़ा)।