अमरोहा। आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा अमर उजाला पहले ही जाहिर कर चुका था। अपनी ही कारगुजारियों से लगातार घिरती जा रही स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) पर पुलिस महानिरीक्षक (जोन) की गाज गिर गई है। तमाम आरोपों से घिरी एसओजी को आईजी ने भंग करके प्रभारी समेत पूरी टीम को ही रेंज से बाहर के दूरस्थ जिलों में फेंक दिया है। आईजी ने जनपद में इनकी तैनाती संबंधित ब्योरा भी तलब किया है।
बताते चलें कि करीब दो साल पहले गठित एसओजी हर रोज नए कारनामों से घिरती चली आ रही थी। कई मामलों में जांच के घेरे में आई एसओजी पर कार्रवाई की तलवार तभी से लटकी थी जब गजरौला के शस्त्र विक्रेता को वसूली के बाद भी जेल भेज दिया था। इसके बाद भी एसपी द्वारा सौंपी लूट व वाहन चोरी की वारदातों के खुलासे की जिम्मेदारियों को छोड़ अन्य कारगुजारियों में लगे रहने से एसओजी पर गाज तय मानी जा रही थी। देर रात आईजी (जोन) मुकुल गोयल ने एसओजी को तत्काल प्रभाव से भंग करते हुए टीम में शामिल सभी पुलिसकर्मियों का रेंज से बाहर स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया।
आईजी कैंप कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक एसओजी प्रभारी जितेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबिल जयदेव सिंह व प्रवीण को पीलीभीत, रविशंकर को शाहजहांपुर, बुद्ेश यादव को बरेली तथा ओमप्रकाश उर्फ बजरंगी को बदायूं भेजा गया है। साथ ही आईजी ने इनकी तैनाती से संबंधित अन्य ब्योरा भी तलब किया है। कार्रवाई से महकमे में खलबली मची है।