अमरोहा। हजरत शाह विलायत रहमतुल्लाह अलैह के चार दिवसीय उर्स का बुधवार को समापन हो गया। आखिरी दिन हजारों की तादाद में अकीदतमंदों ने कुल शरीफ में शिरकत करके मुल्क में अमन और कौम की सलामती के लिए अल्लाह की बारगाह मेें हाथ उठाए।
बुधवार को उर्स की शुरूआत बाद नमाजे फज्र कुरान ख्वानी से हुई। आज बड़ा कुल शरीफ था। लिहाजा, सुबह से ही जायरीनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। महफिले समां में कव्वालों ने शाह की शान में कलाम पेश कर फिजा को नूरानी बना दिया। दोपहर बाद जायरीनों में तबर्रूक तकसीम किया गया। जायरीनों ने चादरपोशी की। बाद नमाजे मगरिब कुल शरीफ का एहतमाम किया गया। जिसके बाद मुल्क-कौम की सलामती के लिए दुआ मांगी गई। उर्स में इंतेजामिया कमेटी के अध्यक्ष कमरूद्दीन मंसूरी, सचिव मरगूब सिद्दीकी, डॉ. वजाहत हुसैन, ख्वाजा राशिद फरीदी, चेयरमैन डॉ.अफसर परवेज, पूर्व चेयरमैन इकरार अंसारी, डॉ. सिराजुद्दीन हाशमी, अहसान अहमद, शरीफ सिद्दीकी, मो. अकबर, जुनैद आलम, अहमद हुसैन, मोहम्मद नूर, हाफिज मोईन उद्दीन, फिरोज अहमद, अहमद हुसैन, हाजी खुर्शीद अनवर , हाजी मोईन उद्दीन मंसूरी, गुलजार अहमद सिद्दीकी, हाफिज इरफान अहमद कादरी, सैयद सिब्तैन, सैयद मोहम्मद हसनैन, शमीम अमरोहवी, आदि मौजूद रहे। उधर, मेले में महिलाओं और बच्चों ने खूब खरीदारी की। दरगाह पर देर रात तक जायरीनों को सैलाब उमड़ा था।