एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

मंडी धनौरा में अपहृत मासूम की हत्या

Amroha Updated Sun, 05 Oct 2014 05:34 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

मंडी धनौरा। थाना क्षेत्र के मोहल्ला सुभाषनगर से अपहृत छह साल के मासूम की पड़ोस में ही रहने वाले युवक ने अपने एक साथी के साथ मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को धान के खेत में छुपा दिया। शक के आधार पर हिरासत में लिए गए पड़ोसी युवक ने कत्ल करने की बात स्वीकार कर शव बरामद करा दिया। वह मासूम के परिजनों से पैसे ऐंठने चाहता था। शव को जंगली जानवर ने नोंचकर खाया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। शाम को उसके एक साथी को भी गिरफ्तार कर लिया।
और पढ़ें
विज्ञापन
विज्ञापन

मुहल्ला सुभाष नगर निवासी खेमचंद का छह साल का पुत्र हर्ष मुहल्ले के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ता था। बीती एक अक्तूबर की सुबह नौ बजे वह घर के बाहर खेलते समय गायब हो गया था। उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर पिता ने दो अक्तूबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। दो अक्तूबर को खेमचंद के एक अन्य पड़ोसी महेंद्र सिंह के मोबाइल पर एक फोन आया। दूसरी ओर से बोलने वाले बच्चे ने स्वयं को हर्ष बताते हुए मां प्रमोद देवी से बात कराने को कहा। वह कुछ पूछते इससे पहले फोन स्विच आफ हो गया। महेंद्र से जानकारी पाकर परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने महेंद्र के मोबाइल पर आए फोन को सर्विलांस पर लगाया तो वह खेमचंद केे पड़ोस में रहने वाले धनराज पुत्र स्व. गंगू सिंह का निकला। पुलिस ने शुक्रवार की देर रात उसको हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गया। पूछताछ के दौरान उसने अपने एक अन्य साथी संजू पुत्र सुमेर सिंह निवासी ग्राम पक्खरपुर थाना धनौरा के साथ मिलकर हर्ष की हत्या कर शव धान के खेत में छिपाने की जानकारी दी। मध्य रात्रि के पास पुलिस ने धनराज को साथ लेकर ग्राम पत्थर कुटी के पास स्थित एक मैरिज होम के पीछे खेत से हर्ष का शव बरामद कर लिया। संजू की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई लेकिन वह हाथ नहीं आया। थाने में पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह ने प्रेसवार्ता कर हत्याकांड के बारे में जानकारी दी।

पकड़े जाने के डर से कर दी हत्या
मंडी धनौरा। गिरफ्तार युवक ने हर्ष के पिता से पैसा ऐंठने के लिए मासूम का अपहरण किया था। हर्ष के पिता के दूसरे पड़ोसी महेंद्र सिंह के फोन पर हर्ष की बात कराकर वह पैसों की मांग करने वाला था लेकिन सर्विलांस की सहायता से पकड़े जाने के भय में उसने तत्काल फोन काट दिया। इसी डर के चलते अपने साथी संजू के साथ एक अक्तूबर की रात को ही हर्ष की हत्या कर शव धान के खेत में छिपा दिया। एक साल पहले धनराज थाना बछरायूं के गांव कुआखेड़ा से दूसरे संप्रदाय की एक युवती को प्रेमजाल में फंसा कर अपने घर लिवा लाया था। आपसी समझौते के बाद युवती को उसके घर भेजा गया था।
विज्ञापन


रात को ही शव मोर्चरी भिजवाया
मंडी धनौरा। हर्ष की हत्या की जानकारी मिलते ही शुक्रवार की देर रात पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता की। किसी भी बवाल की आशंका को मद्देनजर रखते हुए हर्ष के शव का पंचनामा भरकर उसे रात में ही मोर्चरी भिजवा दिया। सूत्रों के अनुसार धनराज को भी सुरक्षा के दृष्टिकोण से किसी दूसरे थाने में रखा गया।


परिजनों के साथ तलाश का करता रहा नाटक
मंडी धनौरा। परिजनों व पुलिस को कोई शक ना हो। इसीलिए धनराज एक निश्चित अवधि में परिजनों के साथ मिलकर हर्ष की तलाश करने का नाटक करता था। धनराज ने पुलिस को बताया कि वह और संजू बारी बारी से हर्ष के पास मौजूद रहा करते थे। एक हर्ष के पास रहता तो दूसरा परिजनों के साथ उसकी तलाश करने का नाटक करता था। लेकिन अपराधी लाख सावधानी बरत लें। आखिरकार पकड़ा ही जाता है।


हत्या की जानकारी मां बेहोश हुई
मंडी धनौरा। कलेजे के टुकड़े के कत्ल की जानकारी मिलते ही मा प्रमोद देवी बेहोश होकर नीचे गिर गई। वह बेहोशी की हालत में हर्ष को पुकार रही थी। परिवार व मुहल्ले की महिलाएं मां को संभाल कर होश में लाने का प्रयास कर रही थी। हर्ष के दो भाई बुरी तरह विलाप कर रहे थे। मुहल्ले के तमाम लोगों को यकीन ही नहीं हो पा रहा था कि जो धनराज पिछले तीन दिन से हर्ष की तलाश करने का नाटक कर रहा था। वही उसका हत्यारा निकलेगा। सभी लोग धनराज को कोस रहे थे। बेहद सुंदर व हंसमुख हर्ष की हत्या पर मुहल्ले के लोग गमगीन नजर आ रहे थे।


धनराज के परिजन पुलिस से भिड़े
मंडी धनौरा। सर्विलांस पर धनराज का फोन नंबर आते ही शुक्रवार की रात पुलिस ने जब उसे घर से पकड़ा तो उसके परिजन पुलिस से उलझ गए थे। धनराज का चाचा उपनिरीक्षक सुरेश गौतम से भिड़ने को तैयार था। दो घंटे बाद थाने में जब धनराज ने हर्ष की बात कबूल की और लाश बरामद कराई तो चाचा व अन्य परिजन फरार हो चुके थे। पुलिस ने मुहल्ले व हर्ष के परिजनों को आक्रोश को देखते हुए धनराज के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी थी। हर्ष के परिजनों ने उसके घर पर तोड़फोड़ का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं करने दिया।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें