गांव नसीरपुर के ग्रामीणों ने बूथ बदलने के विरोध में मतदान का बहिष्कार किया। जानकारी मिलते ही डीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने अधिकारियों के समझाने पर भी वोट नहीं डाले।
इनके अलावा कूड़ी वीरान और जलालपुर में भी लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया, लेकिन अधिकारियों के समझाने पर लोगों ने मतदान किया। पंचायत चुनाव के चौथे चरण का मतदान बृहस्पतिवार को हुआ।
गांव नसीरपुर के ग्रामीणों ने वोट डालने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया कि काफी समय से गांव में ही बूथ बनता था और यहां पर 294 वोट हैं, लेकिन प्रशासन ने बूथ को हटाकर गांव उधनपुर में बना दिया। जिससे लोगों में गहरी नाराजगी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बूथ गांव में नहीं बनेगा,तब तक मतदान नहीं करेंगे। डीएम और एसपी भी पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने वोट नहीं डाले। इनके अलावा गांव कूड़ी वीरान के ग्रामीणों ने भी विकास कार्य न कराए जाने पर मतदान का बहिष्कार किया।
डीएम और एसपी पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। जिस पर ग्रामीण मान गए। गांव जलालपुर के ग्रामीणों ने भी मतदान का बहिष्कार किया।
ग्रामीणों का कहना था कि कुछ वोट नंगलिया जट में बना दिए और नंगलिया जट के कुछ लोगों के वोट जलालपुर में बना दिए। एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। जिस पर ग्रामीण मान गए और डेढ़ घंटे बाद मतदान शुरू कर दिया।