बागेश्वर। उत्तराखंड के 13 जिलों में स्थित 18 सिद्ध पीठों में अष्ठादश पुराण की विभिन्न कथाओं पर आधारित प्रवचन 11 अप्रैल से शुरू हाेंगे। बागेश्वर के बागनाथ मंदिर में ब्रह्म वैवर्त, सल्ट के मानिला में मार्कंडेय पुराण, चंपावत के दिप्तेश्वर में बामन पुराण और पिथौरागढ़ के मुक्तेश्वर महादेव में लिंगपुराण होगा। सभी कार्यक्रम 22 अप्रैल को संपन्न हाेंगे।
इस भव्य धार्मिक कार्यक्रम का संचालन पौड़ी के मैठांणा और सुभाष पैलेस दिल्ली स्थित सतचंडी जन कल्याण समिति कर रही है। समिति से प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तराखंड के सभी 18 शक्ति पीठों में अलग-अलग पुराणों पर आधारित कथा प्रवचन होंगे। इनमें कुमाऊं मंडल के बागनाथ, मानिलादेवी, पिथौरागढ़ के मुक्तेश्वर महादेव और दिप्तेश्वर मंदिर भी शामिल हैं। बागनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी पूरन सिंह रावल ने बताया कि यहां व्यवस्थापक राजा साह होंगे। जबकि कथा वाचन के तौर पर आचार्य गोकुलानंद जोशी ब्रह्म वैवर्त पुराण कथाओं की व्याख्या करेंगे। दिप्तेश्वर में कथावाचक राकेश ढुकलान, व्यवस्थापक प्रकाश तिवारी, पिथौरागढ़ में व्यवस्थापक महेश पाठक, कथावाचक आचार्य रमेश चंद्र दास, मानिला में व्यवस्थापक नंदन सिंह मनराल तथा कथावाचक स्वामी विनीत जी होंगे। इन मंदिरों के अलावा घंटाकर्ण टिहरी में ब्रह्म पुराण, मुंडयाफ पौड़ी में पद्मपुराण, प्रकटासेम टिहरी में विष्णुपुराण, राहू मंदिर पौड़ी में शिव पुराण, गोपीनाथ चमोली में भागवत पुराण, सिद्ध शिव मंदिर कालाढुंगी में नारद पुराण, देवलेश्वर पौड़ी में अग्निपुराण, हनुमान मंदिर, उत्तरकाशी में भविष्य पुराण, नागनाथ मंदिर काशीपुर में बाराहपुराण, टपकेश्वर देहरादून कूर्मपुराण, बालाजी कोटद्वार में मत्स्य पुराण, ओमकारेश्वर रुद्रप्रयाग में गरुड़ पुराण, वेद माता मंदिर हरिद्वार में ब्रह्म पुराण, अर्द्धनारीश्वर धाम पौड़ी में स्कंदपुराण होगा।