बागेश्वर। नगर की बढ़ती आबादी के सापेक्ष जल संस्थान ने यहां पर्याप्त मात्रा में हाईड्रेंट नहीं लगाए हैं। यहां लगे पांच हाईड्रेंटों में से एक खराब है। अग्निकांड होने पर हाईड्रेंटों की कमी तबाही का कारण बन सकती है।
मालूम हो कि नगर में आग की हर साल अनेक घटनाएं होती रही हैं। आग पर काबू पाने के लिए पानी की मुख्य लाइन पर हाईड्रेंट लगे रहते हैं। आपातकाल में इन्हें खोलकर पानी निकाला जाता है। नगर की आबादी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इससे नगर का फैलाव भी बढ़ गया है। जल संस्थान ने दशकों पूर्व सरयू, गोमती पुल, कत्यूर, दुग बाजार और गुरुद्वारे के समीप हाईड्रेंट लगवाए थे। इनमें से कत्यूर बाजार में लगा हाईड्रेंट गड्ढे में पड़ गया है। जिसे संस्थान आज तक शिफ्ट नहीं कर सका है। लोग कांडा मार्ग के दुग बाजार, स्टेशन, पिंडारी मार्ग, तहसील मार्ग, नदी गांव और नुमाईशखेत के समीप हाईड्रेंट लगाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। नगर में जिस तरह आ4ादी बढ़ती जा रही है उसके लिहाज से हाईड्रेंटों की यहां संख्या काफी कम है। ऐसी परिस्थिति में आग बुझाते समय दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों को पानी के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इधर जल संस्थान के अवर अभियंता आरएस विश्वकर्मा ने बताया कि हाईड्रेंट लगाने के स्थानों का सर्वे किया है।