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जाति धर्म से नहीं कर्म से सिद्ध होती है श्रेष्ठता

Bageshwar Updated Thu, 10 Oct 2013 05:41 AM IST
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बागेश्वर। नीलेश्वर धाम के समीप महर्षि दयानंद धाम और योगशाला का लोकार्पण करते हुए मुख्य अतिथि विधायक चंदन राम दास ने कहा कि आर्य समाज की पहल से क्षेत्र में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में मदद मिलेगी। वक्ताओें ने कहा कि वैदिक व्यवस्था में व्यक्ति को जन्म से नहीं वरन कर्म के आधार पर जाना जाता है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने सामाजिक विकास के लिए काफी काम किए। आर्य समाज के प्रदेश प्रधान एडवोकेट गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि इस भवन की आधारशिला पूर्व मंत्री स्व. नारायण राम दास ने रखी। वर्तमान विधायक चंदनराम दास ने इस काम को पूरा कराने में सहयोग किया। वक्ताओं ने कहा कि वेदों में कर्म को ही धर्म माना गया है। जाति, धर्म और छुआछूत का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। कर्मों के आधार पर ही व्यक्ति की श्रेष्ठता का मूल्यांकन होता है। इस अवसर पर महात्मा देवमुनि महाराज, बानप्रस्थी श्याम मुनि, आर्य समाज के प्रदेश मंत्री दलीप सिंह खेतवाल, उपाध्यक्ष रणजीत सिंह बोरा, रमेश प्रकाश पर्वतीय गोपालराम आर्य, हिम्मत सिंह ऐंठानी, मनीष पंत आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता वृक्ष प्रेमी किसन सिंह मलड़ा ने की।
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