एप डाउनलोड करें
विज्ञापन

सीवर लाइन के लिए भेजी 39.95 करोड़ की डीपीआर

Bageshwar Updated Thu, 21 Nov 2013 05:45 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

बागेश्वर। नगर में सीवर लाइन के लिए एक बार फिर से कोशिश शुरू हुई है। एकीकृत सीवर निस्तारण व्यवस्था के लिए सर्वे किया गया है। गंदगी के निस्तारण के लिए दूरगामी योजना बनाने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं। हालांकि पूर्व में भी इसके लिए सर्वे हुआ। किंतु मामला इससे आगे नहीं बढ़ा। अब नई नगर पालिका परिषद के सामने इस योजना को धरातल पर उतारने की चुनौती है। पेयजल निगम ने 39.95 करोड़ की डीपीआर शासन को भेजी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बागेश्वर नगर पालिका के सामने नगर को साफ सुथरा रखना और नगर के सीवर को यहां की नदियाें में जाने से बचाने की चुनौती बनी हुई है। नगर में सीवर लाइन बिछाने के कई प्रयास हुए। एडीबी द्वारा यहां कई बार सर्वे किया गया लेकिन आज तक नगर सीवर लाइन से नहीं जुड़ सका है। सीवर नहीं होने से यहां के घरों की गंदगी सीधे यहां की पवित्र सरयू और गोमती में जाती है। इन्हीं नदियों में पेयजल पंपिंग योजना बनी हुई है। जिस कारण यहां रह रहे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सरकार ने यहां सीवर लाइन बिछाने का कार्य फेज थ्री में रखा था। अब यहां नई पालिका बने भी छह महीने हो गए हैं। उनके सामने सीवर लाइन बिछाना चुनौती है। पालिकाध्यक्ष गीता रावल ने बताया कि नगर को प्रदूषण मुक्त रखना उनकी प्राथमिकता है। सीवर लाइन के लिए पेयजल निगम द्वारा डीपीआर भेजी गई है। पेयजल निगम के अधिशासी अभियंता डीसी मित्तल ने बताया कि उन्होंने शासन को 39.95 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर भेज दी है। पूर्व में शासन द्वारा यह कार्य एडीबी को दिया था। यह कार्य तृतीय फेज में रखा था। लेकिन जिलाधिकारी बीएस मनराल के प्रयास से यह कार्य जल निगम को दिया गया।
विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें