बागेश्वर। प्रखर राज्य आंदोलनकारी बागेश्वर जिला बनाओ आंदोलन के नायक एडवोकेट गुसाईं सिंह दफौटी के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। तड़के उनका शव पहुंचने के बाद गमगीन माहौल में सरयू घाट पर अंत्येष्टि की गई। मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से पूर्व विधायक करन माहरा ने पुष्पचक्र अर्पित किया। किडनी की बीमारी से पीड़ित दफौटी की शनिवार रात सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पिछले डेढ़ महीने से वह डायलिसिस पर थे और इस दौरान उनकी तबियत लगातार बिगड़ती रही। सरयू घाट पर सैकड़ों लोगोें ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने घर जाकर परिजनों को संात्वना दी। कोश्यारी ने पूर्व में एसटीएच में दफौटी का हाल जानकर इलाज का भरोसा भी दिया था, लेकिन वक्त पर बेहतर इलाज नहीं मिल पाने की वजह से दफौटी के सांसों की डोर टूट गई। साढे़ नौ बजे शवयात्रा शुरू हुई। जिसमें विधायक चंदन राम दास, ललित फर्स्वाण, जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐंठानी, पूर्र्व मंत्री बलवंत सिंह भौंर्याल, पूर्व विधायक करन माहरा, रणजीत बोरा, विक्रम सिंह शाही, एडवोकेट गोविंद सिंह भंडारी, सुनील भंडारी, राम सिंह कोरंगा, बहादुर सिंह परिहार, आनंद धपोला, राजेंद्र टंगड़िया, सुरेश खेतवाल, नरेंद्र खेतवाल, हयात सिंह मेहता, लक्ष्मी धर्मशक्तू, एसडीएम फींचा राम, तहसीलदार पीएस मेहरा, एसएसआई गोपाल राम, प्रवीण सिंह आदि शामिल हुए। उनके पुत्र अशोक और मनोज ने चिता को मुखाग्नि दी।
चौतरफा फैली शोक की लहर
बागेश्वर। दफौटी के निधन पर तमाम लोगों ने दुख जताया है। कोतवाल चंदन सिंह बिष्ट, कांग्रेस के रमेश लाल टम्टा, भाजपा के गोविंद टंगड़िया आदि ने श्रद्धांजलि दी है। बार एसोसिएशन की शोकसभा में जिलाध्यक्ष विनोद भट्ट, बागेश्वर-टनकपुर रेलमार्ग संघर्ष समिति की शोकसभा में खड़क राम आर्य, हयात सिंह मेहता, गिरीश चंद्र पाठक, केवल सिंह, एलएम जोशी, मोहन चंद्र जोशी आदि ने भाग लिया।