कपकोट (बागेश्वर)। रमाड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार ने घरेलू हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हर किसी को आगे आना होगा। उन्हाेंने कहा कि पहाड़ की महिलाएं पुरुषों से कहीं अधिक कामकाजी होती हैं। घर की जिम्मेदारियां अलग से होती हैं। इसके बावजूद उन्हें घरेलू हिंसा का दंश भी झेलना पड़ता है। उन्हें फालतू आरोपों का सामना करना पड़ता है। दहेज के लिए ताने सुनने पड़ते हैं। घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं दिन, रात प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्हें हमेशा अवसादग्रस्त पुरुष की टोकाटाकी झेलनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।