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पिंजरे में फंसा तेंदुआ, दहशत बरकरार 

अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Thu, 20 Sep 2018 10:49 PM IST
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बागेश्वर में पिंजरे में कैद तेंदुआ। - फोटो : अमर उजाला
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द्यांगण में लगाए गए पिंजरे में बुधवार की रात तेंदुआ कैद तो हो गया है लेकिन ग्रामीणों में दहशत, संशय बरकरार है। ग्रामीणों का कहना है कि नदीगांव में बच्ची को निवाला बनाने वाला तेंदुआ कम उम्र का है जबकि द्यांगण गांव में पिंजरे में फंसा तेदुआ 7-8 वर्ष की उम्र का बताया जा रहा है।
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ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक आदमखोर गुलदार घूम रहे हैं। साथ में उनके शावक भी हैं। फारेस्टर प्रयाग दत्त भट्ट ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ नर है तथा उसकी उम्र लगभग 7-8 साल की है। पकड़े गए तेंदुए के आदमखोर होने पर संशय है। यह जांच के बाद ही पता चल सकेगा। लोगों की सुरक्षा के लिए वन विभाग ने रात्रि गश्त की दो टीमें गठित की हैं। पकड़े गए तेंदुए को छोड़ने के संबंध में उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।  

तेंदुए से भयभीत ग्रामीणों ने डीएम, डीएफओ को घेरा
नदीगांव में बुधवार शाम एक तेंदुए द्वारा एक बच्ची को निवाला बनाने की घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई महीनों से शहर सहित आस-पास के गांवों में तेंदुए का आतंक बना हुआ था। कहा कि वन विभाग, प्रशासन की लापरवाही के चलते एक और मासूम की जान गई। बृहस्पतिवार रात भी गांव में तेंदुआ देखा गया। भयभीत ग्रामीणों ने रतजगा कर रात बिताई।    
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बृहस्पतिवार को निकटवर्ती ग्राम द्यांगण, बहुली, नदीगांव, माजियाखेत सहित आस-पास के ग्रामीणों ने डीएफओ कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया और डीएफओ का घेराव किया। कहा कि प्रदेश सरकार संवेदनहीन हो गई है। बीते तीन महीनों में ही चार बच्चों को तेंदुए ने निवाला बना लिया है। दहशत के कारण ग्रामीणों का खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है।  ग्रामीणों ने डीएम, डीएफओ को भी ज्ञापन सौंपा तेंदुए को पकड़ने की मांग की।

वहां पूर्व प्रमुख राजेंद्र टंगड़िया, गोविंद कठायत, सुरेश खेतवाल, दीपक खेतवाल, रंजीत दास, भूपेश कठायत, बबलू मटियानी, कमलदीप मटियानी, योगेश जोशी, प्रधान पंकज टम्टा, पूरन रावल, हरीश जोशी, नरेंद्र परिहार, गंगा जोशी, उमेश पांडे, कुंदन गोस्वामी शामिल थे। नदीगांव के ग्रामीणों ने विभिन्न तोक, रास्तों में स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है।  
 
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