कर्णप्रयाग। भगवान बदरीनाथ की यात्रा शुरू होने में कुछ ही दिन रह गए हैं, लेकिन ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे की हालत नहीं सुधरी है। गौचर से चमोली तक हाइवे में कई डेंजर जोन होने से बरसात में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर गौचर से चमोली तक छह डेंजर जोन हैं। चट्वापीपल और गलनाऊं में हाईवे पर गड्ढे बने हैं, जबकि कर्णप्रयाग के पास पचंपुलिया में करीब एक किमी के दायरे में चट्टानें होने से हाईवे को खतरा बना है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिवर्ष यात्रा सीजन में पंचपुलिया की पहाड़ियां खिसकने से हाईवे बाधित होता है। बेडाणू और मैठाणा गांव के पास करीब 30 मीटर के दायरे में बने भूस्खलन क्षेत्र में बरसात के दौरान यातायात में बाधक बन सकता है। हालांकि ऑल वेदर रोड निर्माण के दौरान इसमें सुधार किया गया है। देवलीबगड़ में हाईवे के ऊपर से लगातार हो रहे भूस्खलन से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण राजेंद्र, कैलाश, उमेश आदि का कहना है कि धूल और मिट्टी से हाईवे के आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ऑल वेदर के परियोजना प्रबंधक अमर सिंह मिंगवाल का कहना है कि बदरीनाथ हाईवे पर हमारे पास हर समय आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। रोड कटिंग के दौरान या उससे पहले जो स्लाइड जोन बने हैं उनको सुधारा जा रहा है। यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।