गोपेश्वर। पुलिस मैदान में एक साप्ताहिक हस्तशिल्प प्रदर्शनी आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे ने रिब्बन काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने अधिकाधिक लोगों को प्रदर्शनी का लाभ उठाने का आह्वान किया। प्रदर्शनी में बुनकर, हस्तशिल्प और रिंगाल की कास्टकला के 35 स्टॉल लगाए गए हैं। प्रदर्शनी में हस्तशिल्पियों की ओर से तैयार लकड़ी पर खोली (मुख्य दरवाजा), हल, मुखौटा और देवी-देवताओं की मूर्तियां रखी गई हैं। यह प्रदर्शनी में मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक डा. एमएस सजवाण ने कहा कि चमोली जिला पहले से ही हल्तशिल्प के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। भोटिया जनजाति के ग्रामीण आज भी ऊन उत्पादन से अच्छी आर्थिकी अर्जित करते हैं। विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) वस्त्र मंत्रालय केंद्र सरकार और उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद, उद्योग निदेशालय की ओर से प्रतिवर्ष हस्तशिल्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। भोटिया जनजाति की महिलाओं की ओर से ऊन से निर्मित कालीन, पंखी, शॉल, ऊलन, कंबल, गरम स्वेटर की प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदर्शनी दस फरवरी तक आयोजित होगी।