जोशीमठ/ऊखीमठ। राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने सहित विभिन्न मांगों के लिए यूकेडी कार्यकर्ताओं ने नृसिंह मंदिर परिसर में एक दिवसीय उपवास किया। यहां हुई सभा में दल के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के गठन को 18 साल हो गए लेकिन आज तक राज्य की स्थायी राजधानी घोषित नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों पर राजधानी के नाम पर सिर्फ राजनीति करने का आरोप लगाया।
उपवास के दौरान आयोजित गोष्ठी में दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र पंवार ने कहा कि गैरसैंण को सैर सपाटे का केंद्र बना दिया गया है। जब तक गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, उक्रांद इस मुद्दे पर आंदोलन जारी रखेगा। साथ ही समूह ग की भर्ती में सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण की बाध्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अब्बल सिंह भंडारी, प्रेमदत्त नौटियाल, अरुण कुमार शाह, बच्चीराम उनियाल, जयप्रकाश भट्ट और सुरेंद्र पोखरियाल आदि मौजूद थे।
ऊखीमठ में उक्रांद कार्यकर्ताओं ने ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में उपवास किया। वक्ताओं ने कहा कि आज भी गैरसैंण स्थायी राजधानी के लिए संघर्ष जारी है। जिलाध्यक्ष राजेंद्र नौटियाल की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं ने उपवास किया। इस मौके पर यूकेडी के वरिष्ठ नेता अवतार सिंह राणा, किशोरनंदन डोभाल, राजेंद्र प्रसाद नौटियाल, मुकेश डोभाल, पृथ्वीपाल सिंह रावत, बलवीर सिंह, सीमा चौहान, सूरत सिंह, जसपाल सिंह, योगम्बर लाल, हरि सिंह, राजेंद्र सिंह नेगी समेत अन्य लोग मौजूद थे।