गोपेश्वर। अपने गांव को सड़क से जोड़ने की मांग के लिए सोमवार को बारिश के बीच कनोल गांव के ग्रामीणों ने नगर की सड़कों पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ जुलूस-प्रदर्शन किया। कलक्ट्रेट पर पहुंचे ग्रामीणों को पुलिस ने गेट पर ही रोक दिया लेकिन ग्रामीण नहीं रुके वह परिसर में पहुंचे और प्रदर्शन किया। वहीं, कलक्ट्रेट परिसर में ग्रामीणों का क्रमिक धरना सोमवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने मंगलवार से आमरण अनशन की चेतावनी दी।
सोमवार को दोपहर करीब एक बजे कनोल गांव के ग्रामीण गोपेश्वर पहुुंचे। बारिश में ही ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊं के साथ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का जुलूस लोक निर्माण विभाग, जिला अस्पताल रोड, पेट्रोल पंप होते हुए कलक्ट्रेट परिसर पहुंचा। यहां पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को गेट पर ही रोक लिया लेकिन ग्रामीण नहीं रुके और कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां जुलूस-प्रदर्शन एक सभा में तब्दील हो गया। क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा देवी ने कहा कि वर्ष 2016 से पीएमजीएसवाई के अधिकारी सड़क निर्माण कार्य वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पर रुकी होने की बात कह रहे हैं। वहीं, कनोल गांव के ही ग्रामीणों का क्रमिक धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। डीएम स्वाति एस भदौरिया का कहना है कि साढ़े दस किमी छुरागाड-कनोल मोटर मार्ग की वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शीघ्र भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी होते ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान छात्र संघ महामंत्री दिव्या नेगी, दीवान सिंह नेगी, नारायण सिंह बिष्ट, राजेंद्र सिंह बिष्ट, खिलाप सिंह, खीम सिंह, नारायण सिंह, बादर सिंह, हिम्मत सिंह, दीवान सिंह, शिव सिंह और चंद्री राम आदि मौजूद थे।